शामली के बनत में कृष्णा नदी पर होता पुल का निर्माण कार्य।
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शामली। पानीपत-खटीमा हाईवे का बनत में कृष्णा नदी का पुल और एप्रोच रोड 30 अप्रैल तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। मई महीने में बनत में कृष्णा नदी के पुल भारी वाहनों के लिए संचालन की अनुमति दे दी जाएगी। यह पुल चार लेन और दो-दो सर्विस रोड वाला होगा। जिले के किसी अन्य पुल में सर्विस रोड अभी तक नहीं बनाई गई हैं।
पानीपत-खटीमा हाईवे पर 3.5 किमी लंबाई के बनत बाईपास का निर्माण पूरा हो चुका है। यह तहसील से शुरू होकर बनत गांव के पश्चिमी से गुजर रहा है। यह बाईपास फतेहपुर गांव के पास पानीपत-खटीमा हाईवे पर मिल जाएगा। बनत बाईपास पर जलालपुर रोड पर अंडरपास, बनत में कृष्णा नदी के ऊपर चार लेन का पुल और दो-दो लेन की सर्विस रोड तैयार है। एप्रोच रोड बनाकर इसे जोड़ना बाकी है। पुल का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, इसकी तैयारी चल रही है। यह काम पूरा होने में करीब एक माह का समय लगेगा। पानीपत-खटीमा हाईवे का निर्माण करने वाली कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर गिरजेश त्रिपाठी का कहना है कि शामली से मुजफ्फरनगर तक पानीपत खटीमा हाईवे का निर्माण कार्य अक्तूबर 2022 तक पूरा हो जाएगा। बनत पर कृष्णा नदी और एप्रोच रोड का निर्माण कार्य 30 अप्रैल तक पूरा हो जाने के बाद मई माह में भारी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
बाईपास पर वाहनों के आवागमन से हादसों और जाम से मिलेगी राहत
बनत में बाईपास पर वाहनों का आवागमन शुरू होने से कस्बे के नागरिकों को जाम और हादसों से राहत मिलेगी। पानीपत, दिल्ली की ओर मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, कोटद्वार और हरिद्वार जाने के लिए भारी वाहन बाईपास से होकर गुजरेंगे। अभी हल्के और भारी वाहनों को कस्बे के बीच से निकलते हैं।
तहसील के पास मिलेंगे कई बाईपास
तहसील के पास से दिल्ली- सहारनपुर का बाईपास गुजरेगा। यह बाईपास साईंधाम के पास दिल्ली-सहारनपुर हाईवे में मिलेगा। इसी स्थान से मेरठ-करनाल हाईवे का दस किमी लंबाई वाला बाईपास भी गुजरेगा, जो टपराना गांव के पास मेरठ-करनाल से जोड़ा जाएगा। तहसील के सामने से ही पानीपत-खटीमा हाईवे का बनत बाईपास शुरू हो रहा है।