शामली के कैराना में युवती को अगवा करके एक धर्मस्थल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी) रेशमा चौधरी ने दोष सिद्ध पाये जाने पर नदीम व तासिम निवासी गांव मवी थाना कैराना को आजीवन कठोर कारावास और 30-30 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। वहीं, बिजनौर में पत्नी के हत्या के मामले में पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उधर, मुजफ्फरनगर में गैंगस्टर के दोषी को तीन साल के कारावास की सजा हुई।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पुंडीर ने बताया कि एक अक्तूबर 2018 को एक गांव में सुबह के समय एक युवती अपने चाचा के घर पानी लेने गई थी। तभी नदीम व तासिम युवती को गाड़ी में उठा कर ले गए तथा एक धर्मस्थल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। दो अक्तूबर को युवती के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही पीड़िता का मेडिकल कराया तथा कोर्ट में बयान दर्ज कराए।
पुलिस ने चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दी थी। अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी) रेशमा चौधरी ने दोष सिद्ध पाये जाने पर नदीम व तासिम निवासी कैराना को आजीवन कठोर कारावास व 30-30 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास
बिजनौर में विशेष न्यायाधीश एससी एक्ट डॉ विजय कुमार ने अवैध संबंध का विरोध करने पर पत्नी की हत्या करने का दोषी पाते हुए तेजेंद्र सिंह को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
एडीसी जितेंद्र राजपूत के अनुसार थाना हीमपुर के ग्राम बलिया नगली निवासी हरभजन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि उसकी पुत्री कुलदीप कौर की शादी थाना कोतवाली शहर निवासी ग्राम लक्खीवाला के तेजेंद्र सिंह से हुई थी। दोनों के दो लड़के थे। कुलदीप कौर के पति तेजेंद्र सिंह के अनैतिक संबंध अपने भाई की पत्नी से हो गए थे। कुलदीप कौर इसका विरोध करती थी।
इन संबंधों का विरोध करने पर तेजेन्द्र सिंह ने पत्नी कुलदीप कौर को छह अक्तूबर 2015 की शाम गोली मार दी थी। घायल कुलदीप कौर को गंभीर अवस्था में मेरठ अस्पताल ले जाया गया था। इलाज के दौरान 19 अक्टूबर 2015 को उसकी मौत हो गई थी।
तेजेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा 315 बोर का बरामद किया था। उसका कहना था कि उसने इसी तमंचे पत्नी हत्या की है। कोर्ट ने पत्नी कुलदीप कौर की हत्या में दोषी पाते हुए तेजेंद्र सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक दिनेश सिंह पुंडीर और राजेश शर्मा ने बताया कि छपार थाना क्षेत्र के खुड्डा निवासी नवीन कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि छह अगस्त 2003 को उसके पिता वीरेंद्र पाल त्यागी गांव खानपुर से प्राथमिक विद्यालय से छुट्टी होने के बाद बस में बैठकर गांव लौट रहे थे। जमीन के विवाद में बस में ही उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी राजेश, प्रदीप, कालूराम को बनाया गया था। पुलिस ने आरोपी राजेश व प्रदीप के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज किया था। अदालत ने गैंगस्टर की धारा में दोषी राजेश को तीन वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया है। आरोपी प्रदीप की पत्रावली पृथक कर दी गई थी।
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