शामली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ।
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शामली में बेहतर चिकित्सा सेवाओं के दावे आखिर कैसे पूरे होंगे, जब जिले में संसाधनों और डाॅक्टरों का अकाल पड़ा हो। स्वीकृति के सापेक्ष कहने भर को डाॅक्टरों की तैनाती हैं। फिजीशियन और गायनोलॉजिस्ट भी तैनात नहीं है। ऐसे में जनता को अच्छी चिकित्सा सुविधाएं मिले भी तो कैसे। क्योंकि जितने डाक्टरों की तैनाती है, वह भी समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाते हैं।
शामली। जिले की आबादी 2011 की जनगणना के मुताबिक करीब 12 लाख 74 हजार 815 थी, जो बीते पांच साल में बढ़कर करीब 15 लाख तक पहुंच गई है।
जिले में पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 22 नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा 137 स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं। सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की तैनाती का बुरा हाल है। कुछ केंद्रों पर संविदा पर रखे गए डाक्टरों से काम चलाना पड़ रहा है, तो कहीं पर फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय ही डाक्टरों की भूमिका निभाते नजर आते हैं। हालत यह है कि जिले में एक भी गायनोलॉजिस्ट और फिजीशियन की तैनाती नहीं है। मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. विनीता अग्निहोत्री का कहना है कि रिक्त पड़े डाक्टरों के पदों पर तैनाती के संबंध में कई बार शासन में पत्राचार किया गया है।
जिले में आना नहीं चाहते डाक्टर
जिले में डाक्टरों की कमी पूरी करने को लेकर कई बार दूसरे जिलों से डाक्टरों का ट्रांसफर शामली किया गया, लेकिन डाक्टरों ने यहां आकर ज्वाइन करना उचित नहीं समझा। आला अफसर प्रयास करते हैं कि डाक्टरों की तैनाती कराई जाए, मगर डाक्टर यहां आना ही नहीं चाह रहे हैं। डॉक्टरों की तैनाती की यह स्थिति है।
डाॅक्टर स्वीकृत पद तैनाती
रेडियोलॉजिस्ट 5 0
एनेस्थेस्टिक 5 1
पैथोलॉजिस्ट 5 1
सर्जन 5 2
गायनोलॉजिस्ट 7 0
महिला डाॅक्टर 3 1
फिजीशियन 5 0