इंस्पेक्टर पर झूठा फंसाने का आरोप
शामली। बागपत के गांव निरपुड़ा निवासी युवक ने परिवार के साथ एएसपी को प्रार्थना पत्र देकर जिले में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर पर एक मुकदमे में साजिश के तहत झूठा फंसाने का आरोप लगाया है।
बुधवार को निरपुड़ा निवासी निश्चय राणा अपने परिवार के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एएसपी ओपी सिंह को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि शामली जनपद में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर प्रेमवीर राणा उनके गांव के मूल निवासी हैं। निश्चय के मुताबिक 2015-16 में उसकी मां मुनेेश प्रधान निर्वाचित हुई थी, जबकि इंस्पेक्टर की भाभी चुनाव हार गई थी। इंस्पेक्टर के परिवार के लोग चुनाव को लेकर उनसे ईर्ष्या व रंजिश रखते हैं। उसने बताया कि 25 जनवरी 2022 को कैराना थाने की पुलिस उनके घर पहुंची थी। पुलिस वालों ने बताया कि दो नवंबर 2020 को हुई घटना में दर्ज हुई रिपोर्ट में उसके व उसके कुछ समर्थकों के नाम सामने आने पर उनके नोटिस हैं, इसे तामील कर दो।
निश्चय का आरोप है कि साजिशन उसके व उसके कुछ समर्थकों के विरुद्ध रिपोर्ट में नाम जोड़े गए हैं। दो नवंबर 2020 को जिस दिन की घटना बताई गई है, उस दिन वह अपनी मां के साथ पुलिस सुरक्षा में बागपत न्यायालय में थे। उस दिन उनके पिता की हत्या के केस में आरोपियों को सजा सुनाई गई थी। उन्होंने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। एएसपी ओपी सिंह का कहना है कि निरपुड़ा गांव के कुछ लोगों ने शिकायती पत्र दिया है। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उधर, इंस्पेक्टर प्रेमवीर राणा का कहना है कि उन पर लगाए आरोप निराधार बेबुनियाद हैं।