शामली। जिले के 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले लगाए गए। अमर उजाला टीम ने सुबह 10 से दो बजे के बीच इन अस्पतालों में पहुंचकर व्यवस्था की हकीकत जानी। शामली के एक स्वास्थ्य केंद्र पर शुभारंभ होते ही बच्चे ने जन्म लिया और उसकी किलकारियां गूंजी। .
शहर के पंसारियान मोहल्ले में मेला सुबह 10.15 बजे शुरू हुआ। शामली विधायक तेजेंद्र निर्वाल, सीएमओ डॉक्टर संजय भटनागर यहां पहुंचे तो 12 मरीज वहां थे। विधायक ने मेले का औपचारिक शुभारंभ किया। मेले के शुभारंभ अवसर पर अस्पताल के अंदर से बच्चे की किलकारी गूंजी। डॉक्टर सोनाली और एक महिला स्वास्थ्य कर्मी वहां आई ओर बोली कि कसेरवा कला गांव की रीना पत्नी अनुज को डिलीवरी हुई है बेटा हुआ है। इस पर विधायक और सीएमओ ने महिला के परिजन और वहां मौजूद स्टॉफ को बधाई दी। सीएमओ ने खुद जाकर जच्चा और बच्चा का हाल जाना। सीएमओ ने विधायक को बताया कि इस सेंटर पर महीने में 70 से 75 डिलीवरी का औसत है। यहां मिले मरीज दीपक, अनुज आदि ने उपचार से संतुष्टि जताई। इस केंद्र पर कुल 56 मरीजों की जांच हुई। मोहल्ला बरखंड़ी के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर शाइस्ता आदि की टीम मरीजों की जांच में लगी थी। इसी बीच एक महिला अपना गोल्डन कार्ड लेकर आई और बताया कि उसे बुखार है। टीम ने उसका चेकअप किया और दवा देकर भेजा। टीम ने बताया कि यहां दोपहर एक बजे तक 33 मरीज देखे जा चुके थे।
मेले में 2600 मरीजों की हुई जांच
जिले में लगे मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में करीब 2600 मरीजों की जांच हुई है। इनमें पुरुषों से ज्यादा महिला मरीजों की संख्या है। 25 केंद्रों पर लगे इन मेलों के लिए कुल 63 चिकित्सकों की तैनाती की गई थी जबकि 83 पेेरामेडिकल स्टॉफ को लगाया गया था।
जनपद में मेले में आए मरीजों का आंकड़ा
क्षेत्र मरीज पुरुष मरीज महिला बच्चे कुल मरीज
कैराना 149 253 60 462
कांधला 234 303 66 603
ऊन 118 185 43 346
शामली 179 331 64 574
थानाभवन 126 223 58 407
विभाग के पोर्टल पर पांच स्वास्थ्य केंद्रों के नाम गायब
शामली। इन मेलों के संबंध में स्वास्थ्य निदेशालय ने बाकायदा फार्मेट जारी कर पूरी जानकारी मांगी है। हैरानी की बात है कि विभाग के पोर्टल पर जिले के पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के नाम ही दर्ज नहीं है। इस संबंध में अधिकारियों ने मुख्यालय को अवगत करा दिया है।
पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का नाम शासन द्वारा भेजे गए फार्मेट में शामिल ही नहीं था। इनमें नगर क्षेत्र की बरखंड़ी, पंसारियान और कैराना के अलावा ग्रामीण क्षेत्र की बनत और जलालाबाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नाम नहीं है। एसीएमओ सुशील कुमार ने बताया कि पोर्टल पर इन केंद्रों के नाम ना होने की जानकारी लखनऊ मुख्यालय को दे दी गई है। इन केंद्रों में हुए मरीजों के आंकडे़ भी अलग से भेजे जाएंगे। एसीएमओ ने बताया कि जनपद की कुड़ाना और ऊन पीएचसी को दो साल पहले ही सीएचसी बनाया गया है लेकिन अभी तक विभाग के पोर्टल पर इन्हें अभी भी पीएचसी ही दिखाया जा रहा है। इस संबंध में भी मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है।
कांधला क्षेत्र के गांव डूंन्डूखेडा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर स्वास्थ्य मेले का फीता काट कर - फोटो : SHAMLI
झिंझाना क्षेत्र के गांव केरटू में मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में गोल्डन कार्ड बनाते कमच?- फोटो : SHAMLI