खेल में युवाओं के लिए अपार अवसर : दीपक
शामली। टोक्यो ओलंपिक में शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गए बुराड़ी दिल्ली निवासी शूटिंग खिलाड़ी दीपक कुमार ने कहा कि शूटिंग में कॅरियर बनाने के लिए अवसरों की कमी नहीं है। सिर्फ सही समय पर अवसर को प्राप्त करने की जरूरत है। शूटिंग ऐसा खेल है जिसके माध्यम से युवाओं का कॅरियर बनाने के अनेक मौके मिलते हैं।
मंगलवार को चतुर्थ रजत निर्वाल मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप के उद्घाटन अवसर पर आए ओलंपियन दीपक कुमार ने कहा कि कोई भी खिलाड़ी अपने स्टेट और नेशनल में खेलों में अच्छी पोजिशन पाता है तो आर्मी, नेवी, एयरफोर्स, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी और इनकम टैक्स आदि में स्पोर्ट्स खिलाड़ी के तौर पर अच्छा मुकाम पा सकता है। इसके अलावा भारत सरकार के कोच, असिस्टेंट कोच, खेल प्रभारी भी बन सकते हैं। अच्छे खिलाड़ी को अवसरों की कमी नहीं है, जरूरत इस बात की है कि सही समय पर उस अवसर को प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि देश का आबादी का एक प्रतिशत भी खिलाड़ी नहीं है। पहले समय में कहा जाता था कि ‘खेलोगे, कूदोगे बनोगे खराब, पढ़ोगे, लिखोगे बनोगे नवाब’ इस पंक्ति को आज उल्टा करें, तो खिलाड़ी बहुत ज्यादा नाम रोशन करके दिखा रहे हैं। 135 करोड़ की जनसंख्या में ओलंपिक मेडलिस्ट, ओलंपियन बनना या आईएएस ऑफिसर बनना काफी कठिन है। इसकी वजह यह है कि बहुत से लोग बीच में ही साहस छोड़कर कह देते हैं, उनके बस की नहीं रहा। अगर हमें अपना भविष्य बनाना है, अपने गांव, समाज और घर का नाम रोशन करना है तो लीक से हटकर कुछ काम करना पड़ेगा, तभी रिजल्ट भी अच्छा ही होगा। उन्होंने कहा कि शूटिंग काफी महंगा खेल है, इसके अलावा कुछ अन्य खेल भी हैं जो महंगे हैं। सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए काफी प्रयास किए हैं। इसी का परिणाम है कि ओलंपिक और पैराओलंपिक में भारत को पउप्र में खेलों के लिए संसाधनों की कमी पर उन्होंने कहा कि सरकार बदलाव की कोशिश कर रही है।
पुरानी चीजों में यदि गंदगी जमी है, तो उसको हटाने में समय लगेगा। सरकार इस तरह की चीजों से पार होते हुए खिलाड़ियों के लिए नए-नए स्टेडियम बना रहे हैं, जिनका फायदा शामली समेत तमाम जिलों के खिलाड़ियों को मिलेगा। सरकार नए खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए टेलेंट हंट समेत साई द्वारा अभियान चला रही है। खेलो इंडिया, खेलो यूनिवर्सिटी, खेलो मास्टर्स के द्वारा खिलाड़ियों को आगे लाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दस साल बाद 2032 में होने वाले ओलंपिक खेलों में भारत की तरफ से खिलाड़ियों के परिणाम चौंकाने वाले होंगे।