यूपी के आईपीएस अधिकारी द्वारा लिखी हिंदी कविता 'मैं खाकी हूं' का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक आईएएस अधिकारी ने इसे ट्वीट करते हुए लिखा कि मैं जब भी इस कविता को पढ़ता और सुनता हूं, दिल रोमांच से भर जाता है। इस ट्वीट के बाद से इस क्लिप को लगातार रीट्वीट और लाइक किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी सुकीर्ति माधव मिश्रा द्वारा लिखी एक हिंदी कविता 'मैं खाकी हूं' इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। आईएएस अधिकारी अवनीश सरन ने आईपीएस अधिकारी की इस कविता को ट्विटर पर टवीट किया है। इसके बाद से इस कविता को पांच हजार से भी ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं। वहीं इस बेहतरीन कविता के लिए आईपीएस अधिकारी की भी जमकर सराहना की जा रही है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार आईएएस अधिकारी अवनीश सरन ने रविवार को आईपीएएस अधिकारी सुकीर्ति माधव मिश्रा द्वारा अपने अंदाज में पढ़ी गई एक कविता -
मैं खाकी हूं,
होली में, रमजान में, देश के सम्मान में,
अडिग कर्तव्यों की अविचल परिपाटी हूं।
कभी आहत हूं, कभी चोटिल हूं,
और कभी,
तिरंगे में लिपटी हुई,
रोती-सिसकती छाती हूं,
मैं खाकी हूं।
कविता का एक वीडियो क्लिप ट्वीट करते हुए लिखा कि मैं जब भी पढ़ता और सुनता हूं, दिल रोमांच से भर जाता है। इस ट्वीट को लगातार रीट्वीट और लाइक किया जा रहा है।
मुंबई के ज्वाइंट कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल ने भी सुकीर्ति माधव मिश्रा द्वारा लिखी कविता पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। वहीं खुद आईपीएस अधिकारी सुकीर्ति माधव मिश्रा ने भी इसे अपने ट्विटर हैंडल पर रिट्वीट किया है, और अधिकारियों को धन्यवाद किया है। आईपीएस सुकीर्ति माधव मिश्रा वर्तमान में एसपी शामली के रूप में तैनात हैं।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल हैदराबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी से पास होने वाले युवा आईपीएस अफसरों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया था। प्रधानमंत्री ने युवा आईपीएस अफसरों से उनके अनुभव के बारे में भी बातचीत की थी। उस दौरान मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस आदित्य मिश्रा को प्रधानमंत्री के सामने बोलने का मौका मिला तो उन्होंने अपने साथी कोरोना वॉरियर देवेंद्र चंद्रवंशी को याद करते हुए 'मैं खाकी हूं' कविता सुनाई थी। तब से यह कविता काफी चर्चा में आ गई थी।
यह कविता मैंने मेरठ में ट्रेनिंग के दौरान अपने साथियों को श्रद्धांजलि देने के लिए लिखी थी। कविता को सभी लोगों का बहुत प्यार मिला। इससे काफी खुश हूं। - सुकीर्ति माधव, एसपी शामली