शामली। जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का भुगतान मजदूरों, ठेकेदारों के बजाय ग्राम प्रधान के परिजनों के खातो में भेज दिया गया। ई-स्वराज पोर्टल की पड़ताल में ऐसे मामले मिले हैं, जिनमें सरकारी धन ग्राम प्रधान के पति और बेटे के खातों में पहुंच गया। वहीं, बिना कार्य कराए भुगतान, बिना पौधारोपण रिकॉर्ड अपलोड करने और एक ही बिल को अलग-अलग कार्यों में लगाने और बिना हस्ताक्षर के बिल अपलोड कर भुगतान लेने के मामले भी सामने आए हैं। डीपीआरओ ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
पड़ताल में सामने आया कि तिसंग गांव के मजरा दभेड़ी में श्मशान घाट पर सीसी निर्माण कार्य के लिए 82,400 रुपये का भुगतान प्रधान के पति रूम सिंह के खाते में भेजा जाना दर्शाया गया। प्रधान पति ने बताया कि उन्हें इस भुगतान की कोई जानकारी नहीं है। यदि उनके खाते में राशि आई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। नियमानुसार भुगतान मजदूर या ठेकेदार के खाते में होना चाहिए था।
इसी तरह सींगरा गांव के मजरा अहमदगढ़ में मुंशी के घर से राजकुमार के घर तक सीसी सड़क निर्माण की मजदूरी के 51,600 रुपये ग्राम प्रधान के पुत्र हिमांशु के खाते में भेज दिए गए। संबंधित बिल भी ई-स्वराज पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया। संवाद
कोई पौधा नहीं मिला
पड़ताल में डॉकपुरा के मजरा अशरफपुर के श्मशान घाट पर पौधरोपण दर्शाया गया, जबकि मौके पर कोई पौधा नहीं मिला। बीबीपुर के प्राथमिक विद्यालय और श्मशान घाट में भी पौधारोपण दिखाया गया, लेकिन ग्रामीण ज्ञानपाल सिंह और अन्य का कहना है कि वहां पौधे लगाए ही नहीं गए। पटनी परपुर के मजरा लक्ष्मणपुर में भी श्मशान घाट के रास्ते पर पौधारोपण का रिकॉर्ड अपलोड मिला, जबकि मौके पर पौधे नहीं मिले।
एक ही बिल कई जगह अपलोड मिले
ताना गांव में नाला सफाई के 91 हजार रुपये के बिल बिना ग्राम प्रधान और सचिव के हस्ताक्षरों के ई-स्वराज पोर्टल पर अपलोड मिले। एक ही बिल को दूसरे कार्य में भी इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा सीसी सड़क निर्माण के 57 हजार रुपये का बिल भी दो स्थानों पर अपलोड किया गया। कमालपुर में सीसी सड़क निर्माण का धुंधला बिल और एक स्थान पर कोरा कागज ही बिल के रूप में अपलोड मिला। हथछोया में ग्राम प्रधान भाट्टू के केयरटेकर के मानदेय का बिल भी पोर्टल पर अपलोड किया गया।
डीपीआरओ का कहना है कि ग्राम प्रधान के पुत्र या पति के खातों में रुपये भेजने के मामलों की जांच शुरू करा दी गई है।
ग्राम प्रधान के पुत्र और पति के खातों में सरकारी धन पहुंचने तथा बिना कार्य कराए भुगतान किए जाने का मामला गंभीर है। पूरे प्रकरण की जांच शुरू करा दी गई है। जिले की 230 ग्राम पंचायतों की जांच भी शुरू कराई गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
— संदीप अग्रवाल, डीपीआरओ, शामली
इन सवालों के जवाब अभी बाकी
: ग्राम प्रधान के पुत्र और पति के खातों में विकास कार्यों के रुपये किसकी शह पर भेजे गए? यदि रुपये गलती से चले गए तो वापस क्यों नहीं हुए।
: जिला स्तर पर ई-स्वराज पोर्टल की मॉनिटरिंग होती है, फिर जिला स्तरीय अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?
एक्सक्लूसिव...ई स्वराज पोर्टल पर दर्ज अहमदगढ़ में विकास कार्य के नाम प्रधान पुत्र के नाम जारी क
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