दरभंगा विस्फोट प्रकरण में कैराना के पकड़े गए थे चार लोग
शामली। जनपद में आतंकी कनेक्शन के मामले पूर्व में भी सामने आ चुके हैं। करीब दो महीने पहले बिहार के दरभंगा पार्सल विस्फोट में एनआईए ने कैराना के चार लोग पकड़े गए थे। जांच एजेंसियों ने उनके संबंध पाकिस्तान में बैठे इकबाल काना और लश्कर ए तैयबा से होना बताया था। आतंकी कनेक्शन मिलने से खुफिया विभाग की टीमें भी सक्रिय हो गई है।
जम्मू पुलिस ने शनिवार को कांधला निवासी मोहल्ला मिर्दगान निवासी इजहार खान का आतंकी कनेक्शन होने का खुलासा किया है। इससे पहले भी कई बार जिले में आतंकी कनेक्शन का खुलासा हो चुका है। 17 जून को बिहार के दरभंगा में पार्सल विस्फोट का कनेक्शन जिले के कस्बा कैराना से मिला था। एनआईए ने 30 जून को हैदराबाद से कैराना निवासी दो भाइयों नासिर और इमरान को गिरफ्तार किया था। इसके तीन दिन बाद दो जुलाई को कैराना निवासी सलीम उर्फ टुइयां और कफील को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों ने पकड़े गए लोगों का कनेक्शन पाकिस्तान में बैठे इकबाल काना और लश्कर ए तैैयबा से होना बताया था।
तीन साल पहले अप्रैल 2018 में शामली के रेलवे स्टेशन मास्टर के नाम से धमकी भरा पत्र मिला था, यह पत्र जम्मू-कश्मीर के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसूर अहमद के नाम से भेजा गया था। पत्र में शामली समेत वेस्ट यूपी, दिल्ली और हरियाणा कई स्टेशनों व मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी मारने की धमकी दी गई थी। यह मामला जीआरपी थाने पर दर्ज हुआ था। तीन साल पहले झिंझाना के चौसाना चौकी क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर हमला कर रायफल लूटने के मामले में पकड़े गए आरोपियों का खालिस्तानी कनेक्शन होना बताया गया था। इसके अलावा पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी में भी जिले के कई लोग पकड़े जा चुुके हैं। इसके अलावा विदेशी लोगों के अवैध रूप से रहने केे कई मामले सामने आ चुके हैं। थानाभवन में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी यामीन और पाकिस्तान से वीजा पर कैराना आया नवेद का आज तक पता नहीं चल सका है।