बताया गया कि प्रभारी निरीक्षक और उप निरीक्षक दोनों ने ही एसपी अभिषेक से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की। निरीक्षक ने जहां उप निरीक्षक पर अनुशासनहीनता, बदसलूकी और धमकी देने का आरोप लगाया, वहीं उप निरीक्षक ने प्रभारी निरीक्षक पर पिस्टल तानने का आरोप लगाया। एसपी अभिषेक ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो संज्ञान में आया है। इस मामले की जांच सीओ कैराना बिजेंद्र सिंह भड़ाना को सौंपी गई और उनकी जांच रिपोर्ट में आदर्श मंडी थाना प्रभारी निरीक्षक एमपी सिंह, उप निरीक्षक भूदेव त्यागी और आरक्षी जयंत को अपने कर्तव्य पालन में लापरवाही व अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया। इस मामले में तीनों को लाइन हाजिर किया गया है। एसपी ने बताया कि निरीक्षक विपिन मौर्य को तत्काल प्रभाव से आदर्श मंडी थाने का नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया है।
ये बताई विवाद की वजह
थाना प्रभारी निरीक्षक एमपी सिंह ने बताया कि पोक्सो एक्ट के मामले में नामजद दो महिलाओं को थाने पर लाया गया था। न्यायालय की गाइडलाइन के अनुसार शाम होने से पहले दोनों आरोपी महिलाओं को थाने पर न रखकर वन स्टॉप सेंटर या महिला थाने पर भेजे जाने के लिए उप निरीक्षक से कहा गया था, लेकिन रात में जब वे थाने पहुंचे तो दोनों महिलाएं थाने पर मिलीं। इस बारे में पूछने पर उप निरीक्षक भूदेव त्यागी ने उनके साथ अभद्रता करते हुए अनुशासनहीनता और बदसलूकी की। इसका तस्करा जीडी में डाला गया है।
यह भी पढ़ें: PHOTOS: बैंक मैनेजर की पत्नी-बेटे की हत्या से उजड़ गया परिवार, छह साल पहले हुई थी शादी, हर तरफ पसरा मातम
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि 30 मई को वीवी डिग्री कॉलेज में परीक्षा के दौरान ड्यूटी से गैरहाजिर मिलने का तस्करा भी जीडी में दर्ज किया गया था। प्रभारी निरीक्षक ने उप निरीक्षक द्वारा उन पर पिस्टल तानने के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि सीसीटीवी कैमरे में भी उनके हाथ में पिस्टल नहीं है।