आयुष्मान भारत योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा
शामली। जरूरतमंद परिवारों को पांच लाख रुपये का मुफ्त इलाज देने की आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। सराफा कारोबारी को सीएचसी में बुलाकर उसके कई फोटो लिए गए। मोबाइल पर मेसेज भेजकर उसे कोरोना संक्रमित बताकर इलाज के लिए कुड़ाना सीएचसी में भर्ती होना दर्शा दिया गया। मेसेज से पता लगा कि उसे 1800 रुपये के उपचार के पैकेज का लाभार्थी दिखाया गया है, जबकि वह स्वस्थ है और अपने घर पर रह रहा है। कारोबारी ने इस मामले की तहरीर कोतवाली में देकर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही डीएम को इस प्रकरण की शिकायत भेजी गई है।
शहर के बड़ा बाजार निकट मंदिर ठाकुरद्वारा निवासी सराफा कारोबारी मुकेश कुमार ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि वह करीब ढाई माह पहले कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। उसे कोविड अस्पताल झिंझाना ले जाया गया था। करीब एक सप्ताह वहां रहने के बाद ठीक होने पर उसे घर भेज दिया गया था। तब से वह स्वस्थ है और घर पर रह रहा है। मुकेश के मुताबिक मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे उसके मोबाइल पर कॉल आई कि अपना आधार कार्ड लेकर सरकारी अस्पताल में आए। वह आधार कार्ड लेकर आयुष्मान सेंटर पहुंचा तो वहां मौजूद एक कर्मचारी ने अपने आयुष्मान मित्र बताते हुए सेंटर के बाहर खड़ा करके उनका फोटो लिया। इसके बाद कमरे के अंदर और बिस्तर पर लेटाकर कई फोटो लिए। बाद में उसके आधार कार्ड व अन्य जानकारी कंप्यूटर में फीड की।
उसने कारोबारी से आयुष्मान कार्ड मांगा, तो उसने मोबाइल में उसका फोटो होना बताया। उस युवक ने उससे सारा डाटा कंप्यूटर में दर्ज कर लिया। इसके बाद जैसे ही वह घर पहुंचा तो उसके मोबाइल पर मेसेज आया कि वह कोरोना पॉजिटिव है और कुड़ाना सीएचसी में भर्ती किया गया है। उनका 1800 रुपये के पैकेज में इलाज किया जाएगा। इसकी मंजूरी दे दी गई है। उन्हें इलाज के लिए किसी को कोई धनराशि नहीं देनी है। मुकेश का कहना है कि यह मेसेज पढ़ते ही वह चौंक गया। आरोप है कि धोखाधड़ी कर उसका डाटा दर्ज किया गया है। इस मामले में उसने सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेशचंद्रा से बात की तो उन्होंने उनकी कोई बात नहीं सुनी। सराफा कारोबारी ने पुलिस से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। साथ ही डीएम जसजीत कौर को ऑनलाइन शिकायत भेजी है।
कैसे बना कारोबारी का कार्ड
शामली। आयुष्मान भारत योजना में अपात्रों के कार्ड बनने की शिकायतें शुरुआत से ही रही हैं। मुकेश कुमार सराफा कारोबारी हैं। उनका भी कार्ड बना हुआ है। हालांकि उनका कहना है कि सूची में नाम होने के कारण उनका कार्ड बना था। उन्होंने अपनी पत्नी एवं बच्चों का कार्ड नहीं बनवाया और न ही इस कार्ड का कभी लाभ लिया।
कोट...
सीएचसी में आयुष्मान सेंटर पर किसी व्यक्ति के फोटो लेने और मोबाइल पर मेसेज आने संबंधी का मामला मौखिक तौर पर जानकारी में आया है। इस मामले में लिखित शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- डा. सुशील कुमार, एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी आयुष्मान।