शामली। केंद्र सरकार द्वारा गन्ने के एफआरपी में पांच रुपये बढ़ोत्तरी के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी साल में नए पेराई सत्र में गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी के संकेत दिए हैं। किसानों का मानना है कि गन्ने की लागत, डीजल, पेट्रोल, खाद, कृषि यंत्रों के मूल्य बढ़ोत्तरी और महंगाई के अनुपात में गन्ने का मूल्य बढ़ाया जाना चाहिए। अब जिले के किसान उत्तर प्रदेश सरकार से गन्ना मूल्य में 400- 450 रुपये बढ़ोत्तरी की उम्मीदें लगाए बैठे हैं।
महंगाई के अनुपात में घोषित हो गन्ना मूल्य
शामली। किसान यूनियन के अध्यक्ष सवित मलिक का कहना है कि पिछले चार साल से भाजपा सरकार ने गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया है। चार साल बाद सरकार को किसानों की याद आई है। फसल की लागत, डीजल, पेट्रोल, खाद, कृषि यंत्रों के मूल्य के अनुपात में किसानों को नए पेराई सत्र में गन्ना मूल्य बढ़ाकर दिलाया जाए।
330-340 रुपये प्रति क्विंटल आ रही है लागत
शामली। सपा के वरिष्ठ नेता एवं योजना आयोग के पूर्व सदस्य प्रो. सुधीर पंवार का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 के चीनी सत्र के लिए उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में पांच रुपये क्विंटल की बढ़ोतरी करते हुए 10 प्रतिशत रिकवरी पर 290 रुपये क्विंटल की घोषणा की है। चीनी परता बढ़ने पर प्रति 0.1 प्रतिशत पर 2.90 रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। उदाहरण के लिए यदि गन्ने की चीनी रिकवरी 12 प्रतिशत है, तो उसे गन्ने का मूल्य 348 रुपये क्विंटल मिलेगा। 13 प्रतिशत रिकवरी पर 377 रुपये क्विंटल मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी सूचना के अनुसार गन्ने की उत्पादन लागत 155 रुपये क्विंटल है। सरकार ने एफआरपी 290 रुपये क्विंटल घोषित कर किसानों को लागत मूल्य पर 87 प्रतिशत का लाभ दिया है। उत्तर प्रदेश सहित उन राज्यों में जहां, राज्य सरकारें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एसएपी) घोषित करती हैं, वहां एफआरपी पर गन्ना ख़रीद तो नहीं होती लेकिन राज्य सरकार द्वारा किए जाने वाले गन्ना मूल्य निर्धारण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तर प्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन में गन्ना किसानों की बड़ी भागीदारी है। मुख्यमंत्री आवास पर किसानों के बीच मुख्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने गन्ना मूल्य में वृद्धि करने का आश्वासन दिया है।
प्रो. सुधीर पंवार ने केंद्र सरकार द्वारा पांच रुपये क्विंटल की बढ़ोतरी को किसानों के साथ मजाक़ बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार को 155 रुपये की लागत में एक क्विंटल गन्ना पैदा करने का फ़ार्मूला किसानों को भी बताना चाहिए। उनकी लागत मूल्य 330-340 रुपये क्विंटल से कम नहीं आ रही है।
450 रुपये क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित हो
शामली। वर्ष 2013-14 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गन्ने का मूल्य 450 रुपये क्विंटल किसानों को दिलाए जाने को कहा था। सात साल बीत गए हैं। सात साल के गन्ना मूल्य के हिसाब से 450 रुपये क्विंटल कम से कम गन्ना मूल्य उत्तर प्रदेश सरकार घोषित किया जाए। पंजाब में बिजली किसानों को निशुल्क दी जा रही है। पंजाब में गन्ने का मूल्य 360 रुपये प्रति क्विटंल है। पंजाब में 350 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य को कम बताया है। चौधरी नरेश टिकैत राष्ट्रीय अध्यक्ष भाकियू।
जल्द ही गन्ना मूल्य बढ़ाया जाएगा
शामली। उत्तर प्रदेश के कोने कोने से आए किसानों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री आवास योगी आदित्यनाथ से मिला था। मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याओं को गौर से सुना। उनकी समस्याओं में गन्ना मूल्य बढ़ाया जाने की मांग शामिल हैं। जल्द ही विचार विमर्श के बाद गन्ना मूल्य बढ़ाए जाने घोषणा की जाएगी।
- सुरेश राणा, गन्ना-चीनी उद्योग विकास मंत्री उत्तर प्रदेश शासन।