बल्हेडा में किसानों ने अवैध रेत खनन बंद कराने की मांग की
शामली, कैराना। खेत की सफाई के नाम पर आवंटित 3 माह के पट्टे की आड़ में रेत खनन ठेकेदार पर किसानों ने अवैध रेत खनन करने के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध रेत खनन बंद कराने की मांग की हैं।
शनिवार को गांव बल्हेड़ा व पठेड निवासी किसान महावीर, इरफान, सेठपाल व अमित आदि ने संपूर्ण समाधान दिवस में एडीएम संतोष कुमार को शिकायती पत्र दिया। किसानों ने बताया कि कैराना तहसील क्षेत्र के ग्राम बल्हेडा व पठेल यमुना नदी के किनारे पर स्थित है। सभी ग्रामीणों की कृषि भूमि यमुना नदी के किनारे पर हैं। बताया गया कि यमुना नदी में कई वर्षों से कुछ लोग नाजायज तरीके से प्रशासन को गुमराह करके खेत की सफाई कराने के नाम पर रेत खनन करने की अनुमति लेकर अवैध खनन करते हैं। जिसके चलते यमुना की गहराई उनकी तरफ हो रही है और यदि ऐसा ही रहातो बरसात के दिनों में यमुना का बंध टूट कर दोनों गांवों में पानी घुसने का खतरा बना हुआ है। किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले करीब 15 दिन से कुछ रेत खनन माफिया ग्राम बल्हेड़ा की सीमा में से पोर्कलेन व जेसीबी मशीनों से दिन-रात अवैध रेत खनन करने में जुटे हुए हैं। किसानों ने अवैध रेत खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग की।
सांठगांठ के चलते खेत की सफाई कराने के नाम पर परमिशन
रेत खनन माफिया यमुना किनारे पर कुछ किसानों की ऐसी जमीनों की तलाश करते हैं, जिसमें बरसात के दिनों में पानी भर जाता हैं, लेकिन बरसात के बाद जैसे ही पानी उतरता हैं तो किसानों की जमीन में रेत इकट्ठा हो जाता है। खनन माफिया उस किसान के नाम पर प्रशासन से खेत की सफाई को 3 महीने की परमिशन करा लेते हैं। एनजीटी की गाइडलाइन के मुताबिक किसान अपने खेत में जमा रेत को फावड़े से उठाकर बेच सकता है। बाकायदा इसके लिए किसान की ओर से खनन विभाग में राजस्व भी जमा कराना होता है। लेकिन खनन माफिया फावड़े से रेत उठाने की बजाय दिन-रात भारी-भरकम मशीनों से रेत खनन करते हैं। ऐसा नहीं कि पुलिस प्रशासन इससे अनजान है। सूत्रों की मानें तो पूरा खेल सेटिंग से चल रहा है।
भाजपा एमएलसी ने डीएम-कमिश्नर को लिखा था पत्र
करीब एक सप्ताह पहले भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम व कमिश्नर को दोनों गांवो में चल रहे अवैध रेत खनन पर प्रतिबंध लगाने के लिए पत्र लिखा था। वहीं शिकायत करने पहुंचे किसानों ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को कई बार शिकायत की जा चुकी हैं, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक भी अवैध रेत खनन पर रोक नहीं लगाई गई है।