किसानों ने ब्याज सहित मांगा बकाया भुगतान
शामली। जिले की चीनी मिलों पर 602 करोड़ तीन लाख रुपये के बकाया गन्ना मूल्य ब्याज सहित दिलाए जाने की मांग को लेकर रालोद के सैकड़ों कार्यकर्ता गन्ना समिति कार्यालय परिसर में धरना दिया। चार घंटे चले धरने पर बैठे रालोद कार्यकर्ताओं ने जिले के सभी चीनी मिलों और गन्ना विभाग के अफसरों को बुलाकर एक माह में संपूर्ण भुगतान नहीं करने पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
सोमवार को सुबह दस बजे रालोद कार्यकर्ता शहर के माजरा रोड स्थित कार्यालय में इकट्ठा हुए। रालोद कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए जुलूस निकालकर शामली सहकारी गन्ना समिति कार्यालय में पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। रालोद कार्यकर्ताओ ने जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह, शामली गन्ना सहकारी समिति के विशेष सचिव मुकेश राठी, शामली चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानियां, ऊन मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल अहलावत, थानाभवन मिल के गन्ना महाप्रबंधक जेबी तोमर को धरनास्थल पर बुलाकर बकाया गन्ना भुगतान ब्याज सहित कराने की मांग की। डीसीओ को ज्ञापन देकर ब्याज समेत बकाया गन्ना भुगतान मांगा।
इस मौके पर डीसीओ ने वर्ष 2020-21 के गन्ना पेराई सत्र के संबंध जिले की शामली, ऊन , थानाभवन मिलों द्वारा गन्ना भुगतान की जानकारी दी। धरनास्थल पर बकाया गन्ना भुगतान को लेकर रालोद नेताओं और चीनी मिल के अफसरों में काफी देर तक बहस होती रही। रालोद नेता मिल के अफसरों से बकाया गन्ना की जिद पर अड़ रहे। तीन बजे तक डीसीओ, सभी मिलों के अफसरों को धरनास्थल पर बैठा रखा। इसके बाद, मिलों के अफसरों व डीसीओ के आश्वासन पर धरना एक माह के आश्वासन पर समाप्त करने की घोषणा की। जिलाध्यक्ष मुकेश सैनी ने बताया कि एक माह तक यदि जिले की सभी मिलों ने बकाया गन्ना भुगतान नही किया तो रालोद कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। धरने की अध्यक्षता संजय कालखंडे ने की। रालोद के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन, पूर्व विधायक अब्दुल राव वारिस, अशरफ अली खा, कवर हसन, विजेंद्र मलिक, ऋषि राज राझड़, पूर्व अध्यक्ष सतवीर पंवार, प्रसन्न चौधरी, शोकिंद्र सिंह डाक्टर राजीव बालियान, जलालाबाद चेयरमैन अब्दुल गफ्फार, मोहम्मद इस्लाम, अखिल बंसल, विक्रांत जावला, हरेंद्र वर्मा, पूर्व प्रमुख वाजिद अली, अनवार टपराना, कंवरपाल मालेंडी, रजनीश कोरी, अमित कुमार अरविंद झाल, वेदपाल गहलोत, अरविद पंवार आदि मौजूूद रहे। संचालन आशुतोष पंवार ने किया।