शामली/ कैराना। कार्तिक पूर्णिमा पर शुक्रवार को में हरियाणा-वेस्ट यूपी के जिलों के हजारों श्रद्धालु कैराना व बिड़ौली में यमुना नदी के पवित्र जल में डुबकी लगाएंगे। कार्तिक पूर्णिमा पर कैराना और बिडौली यमुना नदी के किनारे पानीपत, करनाल और कैराना, और ऊन ब्लाक के श्रद्धालु स्नान दान करते हुए भगवान श्री सूर्य को अर्घ्य देकर मन्नतें मांगते है। पापनाशिनी यमुना नदी में इस बार पानी तो है, लेकिन कैराना और बिडौली में यमुना नदी के पुल के निर्माण के चलते इस बार हरियाणा के पानीपत और करनाल जिले की सीमा की ओर यमुना नदी में श्रद्धालु स्नान करेंगे। कैराना में यमुना तट पर श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। यमुना नदी पर फॉरलेन पुल के निर्माण के कारण अधिकांश श्रद्धालु हरियाणा साइड से स्नान करेंगे।
शुक्रवार की सुबह 5 बजे से ही कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यमुना नदी के तट पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाएगा। लेकिन पानीपत से नगीना तक बनाए जा रहे एनएच-709 एडी के तहत यमुना नदी पर फारलेन पुल बनाया जा रहा है। यमुना तट पर बड़े-बड़े पिलर व गड्ढों के साथ ही बड़ी-बड़ी मशीनें भी काम कर रही है। जिस कारण इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर अधिकांश श्रद्धालु हरियाणा की साइड से यमुना नदी में स्नान करेंगे। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर भरी भीड़ की संभावना के चलते जिला मुख्यालय से भी अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक गोताखोर भी तैनात रहेंगे। कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर राणा ने बताया कि यमुना नदी पर स्नान पर्व के चलते एक दर्जन गोताखोर व अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
गंदेवडा संगम में नहीं आया पानी, सूखी पड़ी पूर्वी यमुना नहर
हरिद्वार की तर्ज पर विकसित हो रहा गंगा यमुना का गंदेवडा संगम में गंगा और यमुना का पानी न आने से इस बार स्नान नही कर पाएंगे। गंगा यमुना लिंक नहर पिछले एक माह से ज्यादा समय से सूखी पड़ी है। पूर्वी यमुना नहर के अफसरो के मुताबिक पूर्वी यमुना नहर प्रणाली के तहत रजबहों माइनर और नहरों में सफाई अभियान चल रहा है। दूसरी ओर, पूर्वी यमुना नहर में बलवा के सामने और मुंडेट बधेव के जंगल में पुलों का निर्माण चल रहा है। ऐसे में 25 नवंबर के बाद यमुना नहर में पानी आ पाएगा।