तालाब की गंदगी के चलते बीमारियों ने पैर पसारे
शामली, चौसाना। खोडसमा में ग्राम पंचायत के संरक्षण में बिड़ौली-गंगोह मार्ग पर करीब 24 बीघे का तालाब है। जिसमें पैदा होने वाले मच्छरों के कारण बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं। कई सरकार बदलने के बाद भी मुख्य मार्ग पर स्थित यह तालाब सुंदरीकरण योजना में भी चयनित नहीं हो सका। ऊन ब्लॉक के गांव खोडसमा की आबादी करीब छह हजार है। गांव के अधिकतर लोग आर्थिक रूप से संपन्न है। तालाब की गंदगी के कारण इन दिनों गांव में अधिकांश लोग बुखार से पीड़ित हैं। तालाब में फैली गंदगी और दुर्गंध के कारण लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
क्या कहते है ग्रामीण
1. इकबाल का कहना है कि मेरा घर तालाब के बराबर है। पूरे गांव का गंदा पानी इसी तालाब में आता है। लेकिन ग्राम पंचायत इसकी न तो सफाई की व्यवस्था कराती है और न ही तालाब का सुंदरीकरण होता है। बदबू के कारण खाना पीना भी दूभर हो गया। घर के अधिकांश सदस्य बुखार से पीड़ित है।
2. राजकुमार का कहना है कि तालाब में फैली गंदगी के कारण बीमारियों ने गांव मे डेरा डाल रखा है। तालाब की सफाई की ओर किसी भी प्रधान ने ध्यान नहीं दिया। हम लोंग तो वर्षों से इस तालाब को देखते आ रहें है। गंदगी के कारण इसका भराव तो हो गया लेकिन सफाई का नाम नही है।
3. विपिन का कहना है कि तालाब की गंदगी पूरे गांव की समस्या बन गई है। मेरा घेर तालाब के निकट है। पशुओं को दूध निकालने के दौरान बदबू से वहां रूकना मुश्किल हो जाता है। मच्छरों के कारण पशुओं को भी धुआं व मच्छरदानी लगाकर बचाव करना पड़ता है।
4. सुबोध का कहना है कि तालाब की सफाई व सौंदर्यकरण के लिए ग्राम प्रधान व सीएम हेल्पलाइन को शिकायत कर चुके है लेकिल इसका उद्धार नहीं हो सका। तालाब गंगोह हाईवे पर होने के कारण सुंदरता व जल संरक्षण की मिसाल बन सकता है।
क्या कहते हैँ प्रधान
ग्राम प्रधान विनोद कुमार का कहना है कि तालाब की सफाई व सुंदरीकरण की समस्या की शिकायत आ रही है। तालाब की सफाई व सुंदरीकरण के प्रयास के लिए उच्चाधिकारियों से बात कर समस्या को दूर कराया जाएगा। गांव के कुछ लोग पानी निकासी व सफाई के लिए भी बाधा बन रहे हैं।