गढ़ीपुख्ता अग्रवाल धर्मशाला में श्री राम कथा सुनाते पंडित श्याम सुंदर त्रिपाठी।
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गढ़ीपुख्ता। कस्बे के अग्रवाल धर्मशाला में चल रही श्रीराम कथा में कथावाचक पंडित श्याम सुंदर त्रिपाठी ने राम-भरत मिलाप का वर्णन सुनाया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा व्यास ने कहा कि श्रीराम भरत जैसा आदर्श प्रेम विश्वास के किसी साहित्य में देखने को सुनने को नहीं मिलता। श्रीराम ने पिता की आज्ञा को सर्वोपरि मानकर मर्यादा की सौगंध देकर भरत से अयोध्या का राज सिंहासन संभालने का आदेश दिया। भरत ने सिंहासन चलाने के लिए प्रभु श्रीराम से उनकी चरण पादुका मांग ली। जब तक श्री राम अयोध्या वापस नहीं आएंगे, राजकाज चलाने में उन्हीं चरण पादुकाओं का आदेश मानकर राज से दूर नंदीग्राम में रहकर राजकाज का कार्य संपन्न किया जाएगा।
कथा में मौजूद मोहित मित्तल ने बताया कि टेकचंद मित्तल, शिव कुमार मित्तल, संजय मित्तल ने अपने माता-पिता और जेयष्ठ भाइयों की स्मृति में श्रीराम कथा का 10 दिवसीय आयोजन रात्रि आठ बजे से किया जा रहा है। कथा समाप्त होने के उपरांत अगले दिन भंडारे का आयोजन किया जाएगा।