थानाभवन। चमड़ा रंगाई की जमीन बेचने वाले भू-माफिया के खिलाफ बृहस्पतिवार को समिति के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज और बैनामा निरस्त करने की मांग की।
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे मार्ग पर स्थित चर्म शोधन खादी ग्रामोद्योग की लगभग दो बीघा जमीन चमड़ा रंगाई केंद्र के नाम पर 1956 में रजिस्टर्ड हुई थी। इस जमीन पर अनुसूचित जाति के लोग चमड़ा रंगाई का कार्य करते थे, लेकिन काफी वर्षों से काम बंद है। इसका भवन भी जर्जर हालत में पहुंच गया है। इसी का फायदा उठाकर भू-माफिया ने समिति के सदस्यों से साठगांठ कर सरकारी जमीन के कुछ हिस्से को बेच दिया। कुछ वर्षों पहले अधिकारियों ने इसकी जांच-पड़ताल भी की थी, तब आरोपी भूमिगत हो गए। बाद में भू-माफिया ने साठगांठ करते हुए लगभग दो बीघा जमीन में से 500 गज जमीन का बैनामा कुछ लोगों के नाम कर दिया। जिसको लेकर समिति के सदस्यों ने गन्ना मंत्री जिला अधिकारी पुलिस अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर जांच की मांग की थी। नगर पंचायत ने इस मामले में एसडीएम को प्रार्थनापत्र भेजकर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की थी। पिछले दो सप्ताह से यह मामला फिर सुर्खियों में बना हुआ है।
बृहस्पतिवार को समिति के कई सदस्यों ने भू-माफिया के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। मौके पर रामफल रतन, लोकेश, सोनू, राकेश, सुरेश, बबीता, शर्मीली, पूनम, ओमवीरी, रामप्रकाश, राजेंदर, चेतन, सुरेंद्र, मोनिका, वीरमति, सुनीता मौजूद रहे।