शामली। बैंकों द्वारा केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता बरतने और सहयोग न करने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि इलाहाबाद और भारतीय स्टेट बैंक शाखाओं में विभागों के खाते नहीं खोलें और जो खाते खुले हैं उनमें जमा धनराशि निकालकर खाते बंद करा दें।
मंगलवार को शामली कलक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय सलाहकार समिति ने बैंकर्स की समीक्षा बैठक की। इस दौरान मुद्रा योजना, स्टैंडअप योजना, अटल पेंशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने नाराजगी जताई। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक और इलाहाबाद बैंक शाखा प्रबंधकों द्वारा केंद्र तथा प्रदेश सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता बरतने तथा सहयोग न करने पर आदेश जारी किया कि अब किसी भी सरकारी विभाग का खाता इन दोनों बैंकों में नहीं खुलेगा। इस संबंध में सभी विभागों के अध्यक्षों को निर्देश पत्र भी जारी कर दिया गया है।
इसके अलावा फसली ऋण वितरण को लेकर सभी बैंकों की समीक्षा की, जिसमें पाया गया कि किसी भी बैंक द्वारा निर्धारित लक्ष्य से बहुत कम ऋण वितरित किए गए हैं। इस पर कुछ बैंक शाखा प्रबंधकों ने कहा कि फसली ऋण मोचन योजना के लागू होने के बाद किसान ऋण जमा कराने में खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं, जिस कारण नया ऋण भी कम लिया जा रहा है।
इसके अलावा स्टैंडअप योजना के तहत जिले की 103 बैंक शाखाओं से 206 लोगों को ऋण वितरित करना था, लेकिन अभी तक सिर्फ 47 आवेदन ही बैंक शाखाओं द्वारा स्वीकृत किए जा सके हैं। डीएम ने कहा कि बैंक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का ठीक से निर्वाह करें। बैंक में पहुंचने वाले ग्राहकों को सही सेवा प्रदान करें। ग्राहक को टकराया नहीं जाना चाहिए। इस दौरान बैठक में आरबीआई के एलडीएम प्रहलाद सिंह, उपमंडल प्रमुख एचएस भल्ला, नाबार्ड से शैलेंद्र पांडया, लीड बैंक मैनेजर हरपाल सिंह तोमर सहित विभिन्न बैंक शाखाओं के प्रबंधक मौजूद रहे।