फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: सराफा बाजार से रौनक हुई गायब, 70 प्रतिशत घट गया कारोबार

विज्ञापन
शह​र के नेहरू मार्केट में प्रधानमंत्री की अपील के बाद काम न होने के कारण मोबाइल में समय बिताते 
विज्ञापन
-प्रधानमंत्री की अपील का दिख रहा असर, कर्मचारियों को छंटनी का सता रहा डर
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद सराफा बाजार में ग्राहकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। सामान्य दिनों की तुलना में अब केवल 30 फीसदी ग्राहक ही गहने खरीदने पहुंच रहे हैं, जिससे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। अगर ग्राहक न आए तो कर्मचारियों की छंटनी भी करनी पड़ सकती है।
जनपद में करीब 250 से 300 सराफा की दुकानें हैं। सराफा कारोबारियों का कहना है कि पहले ही सोने-चांदी के दाम बढ़ने से लोगों का बजट बिगड़ चुका है। मध्यम वर्ग और नौकरी पेशा परिवार अब गहनों से दूरी बना रहे हैं। ग्राहक केवल बहुत जरूरी पर ही हल्के वजन के आभूषण खरीद रहे हैं। प्रधानमंत्री की अपील से पहले जहां दुकानों पर दिन भर भीड़ रहती थी, वहीं अब अधिकतर समय दुकानदार खाली बैठे रहते हैं और मोबाइल देखकर समय बिता रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा छोटे दुकानदार परेशान हैं।
विज्ञापन

-क्या कहते है सराफा व्यापारी
-व्यापारी रोहित ने बताया कि गहने महंगे होने की वजह से कुछ लोग बिना खरीदारी किए चले जाते हैं। अगर इसी तरह चलता रहा तो दो महीने बाद सराफा कारोबारी कर्मचारियों को निकालने के लिए मजबूर होंगे। जिन घरों में शादी या फिर कोई मांगलिक कार्यक्रम है, वही ज्यादातर सोने और चांदी की खरीद कर रहे हैं।
- व्यापारी शानू व सुभाष का कहना है कि प्रधानमंत्री की अपील का असर बाजार में दिखाई दे रहा है। केंद्र सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित करने के लिए सिल्वर के आयात के नियम कड़े किए हैं। ऐसे में चांदी के प्रतिबंधित श्रेणी में पहुंचने से इसके दामों में तेजी आने की आशंका जा रही है।
-क्या बोली महिला
महिला सारिका ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद लोग गहने खरीदने में कटौती कर रहे है। उनके परिवार में शादी है, उन्होंने भी अपने पुराने गहनों को ही ठीक कराया है।
विज्ञापन

-महिला सुमन ने कहा कि उनके परिवार में शादी है, उन्होंने भी जरूरत के अनुसार ही केवल हल्के वजन के गहने बनने दिए हैं। जिससे उन पर महंगाई की अधिक मार न पड़ सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें