कोरोना के कारण बिगड़ी अर्थव्यवस्था के कारण व्यापारी वर्ग आर्थिक पैकेज की मांग कर रहा था, लेकिन उनकी यह मांग पूरी नहीं हो सकी। आयकर स्लैब नहीं बढ़ने से भी शामली के व्यापारी निराश हैं। जबकि नए टैक्स नहीं लगने से थोड़ी राहत महसूस की है। व्यापारियों की पेंशन योजना की मांग भी पूरी नहीं हो सकी है।
बिगड़ी अर्थव्यवस्था सुधारने को नहीं कोई घोषणा : घनश्यामदास गर्ग
पश्चिमी उप्र संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग का कहना है कि कोरोना के कारण व्यापारियों की अर्थव्यवस्था गड़बड़ा गई। छह माह से व्यापारी आर्थिक पैकेज की मांग कर रहे हैं, लेकिन बजट में इसका कोई ध्यान नहीं रखा गया। व्यापारियों को किसी तरह की झूठ नहीं देने से निराशा हाथ लगी है।
व्यापारी के लिए होनी चाहिए थी ऋण माफी : रवि संगल
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल नगर महामंत्री रवि संगल का कहना है कि बजट से जो उम्मीदें थी वह पूरी नहीं हुईं। आयकर का स्लैब नहीं बढ़ाया गया। व्यापारियों ने ऋण माफी की मांग की थी, लेकिन ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई। सोने-चांदी में ढाई प्रतिशत ड्यूटी घटने से खरीदारों को लाभ होगा। 40-45 साल से अधिक आयु के व्यापारियों के लिए पेंशन योजना की घोषणा की जानी चाहिए थी।
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जो पहले व्यवस्था थी, वही रही लागू : रोहित गोयल
इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी रोहित कुमार गोयल का कहना है कि बजट से पूर्व एसी, फ्रिज, एलईडी आदि इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुक्ल) बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन बजट में एक्साइज ड्यूटी को न बढ़ाकर राहत दी गई है। जो व्यवस्था पूर्व में लागू थी, वही इस बार भी रखी गई है।
आयकर छूट की सीमा बढ़नी चाहिए थी: मनोज मित्तल
बजट में आयकर छूट की सीमा बढ़ने की उम्मीद थी। व्यापारी और नौकरीपेशा यही चाह रहे थे, लेकिन ऐसा किया नहीं गया। अभी तक बजट में जो घोषणाएं हुईं हैं उनमें छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए कोई घोषणा नहीं दिख रही है।
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