फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केवट ने कराई गंगा पार, भरत मिलाप की लीला का सुंदर मंचन

विज्ञापन
जलालाबाद में रामलीला का मंचन करते कलाकार - फोटो : SHAMLI
विज्ञापन
कैराना/कांधला/जलालाबाद। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में श्रीरामलीला महोत्सव में नौवें दिन राम वनवास, भरत मिलाप की लीला का मंचन किया गया। श्रीरामलीला देखने के लिए दर्शकों की भीड़ बढ़ रही है।
विज्ञापन

शुक्रवार को श्रीरामलीला महोत्सव में नौवें दिन श्रीराम वनवास लीला के दौरान भगवान राम- लक्ष्मण और सीता जी सरयू के किनारे जाते हैं और वहां केवट से अपनी नाव में बैठाकर सरयू पार कराने को कहते है। भगवान राम सरयू पार कर चित्रकूट पहुंच जाते हैं। अयोध्या में राम के वियोग में महाराजा दशरथ अपने प्राण त्याग देते है, जब भरत और शत्रुघ्न को राम के वन गमन और दशरथ की मृत्यु का पता लगता है, तो वो अयोध्या वापस आते है, कैकयी को भला बुरा कहते है। भरत तीनों माताओं के साथ गुरु वशिष्ठ, मंत्री सुमंत और शत्रुघ्न के साथ चित्रकूट की ओर प्रस्थान कर देते है, जहां पर भरत का श्रीराम से मिलाप होता है।
कांधला कस्बे में कैराना रोड पर श्री रामलीला कमेटी मंडप पंचवटी के मैदान में आयोजित रामलीला मंचन के दौरान श्रीराम राजतिलक की तैयारी और उसके बाद राम वनवास गमन की लीला का बहुत ही भावपूर्ण मंचन हुआ। यह दृश्य देखकर पंडाल में मौजूद दर्शक भी भावुक हो गए। श्रीराम के वनवास जाने के बाद पुत्र के वियोग में तड़प रहे राजा दशरथ जंगल में सुमंत को श्रीराम को वापस अयोध्या लाने के लिए भेजते हैं। श्रीराम द्वारा वापस आने से इंकार करने पर पुत्र वियोग में राजा दशरथ अपने प्राण त्याग देते हैं।
विज्ञापन

गढ़ी पुख़्ता कस्बे के रामलीला भवन में श्रीराम वन गमन की लीला का शानदार मंचन किया गया। मुख्य अतिथि के रुप में शामली नगरपालिका परिषद के पूर्व चेयरमेन अरविंद संगल को अंग वस्त्र पहना कर एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। जलालाबाद की पंचायती रामलीला गांधी चौक में दशरथ मरण, भरत मिलाप की लीला देखने वालों की आंखों में आंसू छलक गए। मर्यादा श्री राम ने भरत को संभालते हुए उन्हें अयोध्या का राज काज संभालने को कहा तथा वह वनवास का समय पूरे होते ही शीघ्र अयोध्या वापस आएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें