बावरिया गिरोह का सरगना पुलिस को चकमा देकर फरार
थानाभवन (शामली)। तीन सितंबर की रात को कादरगढ़ गांव में महेश के घर पड़ी डकैती की घटना में पुलिस ने बावरिया गिरोह की दो महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया। गिरोह का सरगना मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। गिरफ्तार आरोपियों में सागर, शशि और बोनड़ शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूट का सामान भी बरामद कर लिया है।
करीब आधा दर्जन बदमाशों ने तीन सितंबर की रात एक बजे कादरगढ़ गांव निवासी महेश के घर डकैती डाली था। इस दौरान पुलिस महेश के परिवार को बंधक बनाकर घर से 11 हजार रुपये नकद व सोने चांदी के लाखों रुपये के जेवर लूटकर फरार हो गए थे। थाना प्रभारी ने बताया कि बुधवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि लूट में संलिप्त कुछ संदिग्ध कादरगढ़ से भैसानी-गोगवान के रास्ते से कहीं भागने की फिराक में है। सूचना मिलने पर पुलिस ने सुबह साढ़े छह बजे दबिश देकर एक वैगनआर कार को घेर लिया। पुलिस को आता देख बदमाश मौके से भाग खड़े हुए। पीछा करते हुए पुलिस ने कार को पकड़ लिया। इस दौरान एक आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। जबकि दो महिला सहित तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम सागर, निवासी कैराना, शशि, निवासी कांधला व बोनड़, निवासी मुजफ्फरनगर बताया। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों के पास से पांच हजार रुपये, चार जोड़ी पाजेब व एक वैगनआर कार बरामद हुई है।
नीरज है गिरोह का सरगना
पुलिस के अनुसार फरार हुआ नीरज गिरोह का सरगना है। गिरोह में कुल सात लोग शामिल हैं। डकैती की घटना को अंजाम देने के लिए दो गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही घटना को अंजाम देने के बाद लूटा गया सामान ठिकाने लगाने के लिए मुरादाबाद जाते थे। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की तलाश भी जारी है, जल्द सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही पुलिस ने बताया कि गिरोह में शामिल महिलाएं रेकी के काम को अंजाम देती हैं। गिरोह के सदस्य पकड़े न जाएं इसलिए कच्छा बनियान पहनते हैं। ये सभी बावरिया गिरोह के सदस्य हैं। इन लोगों की आपस में मुलाकात रुड़की जेल में बंद रहने के दौरान हुई थी।