झिंझाना के गांव सिकंदर पुर में पोलियों ड्रॉप अभियान में लगी टीम का औचक निरीक्षण करते सीएमओ अनि
शामली। जिले में शुरू हुए पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान के पहले दिन लगभग 42 प्रतिशत बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई। जिले में दो लाख 37 हजार 713 बच्चों के लक्ष्य के सापेक्ष एक लाख एक हजार 35 बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई गई। सोमवार से घर-घर जाकर बच्चों के दवा पिलाने का अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 13 दिसंबर तक चलाया जाएगा। इसके लिए 511 टीमें बनाई गई है।
करीब ढाई साल बाद पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान रविवार से शुरू हुआ है। रविवार को 684 बूथों पर पांच साल तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. करन चौधरी ने बताया कि जिले में दो लाख 37 हजार 713 बच्चों को पोलियो रोधी की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले दिन रविवार को सभी बूथों पर एक लाख एक हजार 35 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई, जो लक्ष्य का करीब 42 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया जो बच्चे दवा पीने से रह गए हैं उन बच्चों को सोमवार से शुक्रवार तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य टीमें पोलियो रोधी दवा पिलाएंगी। स्वास्थ्य टीम में आशा, आंगनबाड़ी, सहायिका और एएनएम रहेंगी। इसके अलावा 37 ट्रांजिट टीम बनाई गई हैं, ये टीमें बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर पोलियो रोधी दवा पिलाने का काम करेगी। इसके साथ ही 26 मोबाइल टीमों द्वारा ईंट भट्ठों और घुमंतू परिवारों के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी।
सभी टीमों को शत प्रतिशत बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी जो बच्चे रह जाते हैं, उन्हें 16 दिसंबर को बी टीम द्वारा पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी।