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लखीमपुर खीरी में बवाल: शामली में गुरुद्वारा तिराहे पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने जाम लगाया, कई किसान नेता खीरी रवाना

Sun, 03 Oct 2021 11:08 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला नेटवर्क, शामली/

सार

लखीमपुर खीरी मे रविवार को हुआ बवाल बढ़ता जा रहा है। किसान आंदोलन से जुड़े लगभग सभी किसान नेता लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो चुके हैं। इस बीच कांग्रेस नेता इमरान मसूद और रालोद नेता जयंत चौधरी ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है।
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आंदोलनकारी किसान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी मे रविवार को किसान आंदोलन के दौरान हुआ बवाल अब बढ़ता जा रहा है। किसान आंदोलन से जुड़े लगभग सभी किसान नेता लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो चुके हैं। इस बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान मसूद ने कहा कि लखीमपुर खीरी में घिनौना कृत्य हुआ है। जिम्मेदार मंत्री का इस्तीफा लिया जाना चाहिए और हत्या का मुकदमा होना चाहिए। किसानों की लड़ाई अपने मुद्दों को लेकर सरकार से है, किसी व्यक्ति से नहीं। किसानों के आंदोलन को इस तरह कुचलना बेहद निंदनीय है।
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रालोद के प्रतिनिधि मंडल में तीन बिजनौर से
रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने लखीमपुर खीरी में हुई घटना के आकलन के लिए जो प्रतिनिधि मंडल बनाया गया है, उसमें तीन बिजनौर से हैं। इनमें पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रवीण देशवाल, पूर्व विधायक चौधरी सुखवीर सिंह, पूर्व सांसद मुंशी रामपाल शामिल हैं। इन सभी ने लखीमपुर खीरी की घटना पर रोष जताया। साथ ही कहा कि वह वहां की स्थिति से पार्टी हाईकमान को अवगत कराएंगे।

किसानों के सत्याग्रह को बर्बरता पूर्ण कुचला गया। यह कोई तरीका नहीं है। यह लोकतंत्र की हत्या है। हम रालोद प्रमुख जयंत चौधरी के निर्देश पर लखीमपुर जा रहे हैं। वहां पीड़ित परिवार से मिलेंगे।
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-प्रवीण देशवाल, पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष, रालोद

हमे पार्टी की ओर से लखीमपुर खीरी रवाना होने के लिए कहा गया है। पूरी स्थिति का आकलन करेंगे और पार्टी हाइकमान को रिपोर्ट करेंगे। जो हुआ, बहुत गलत हुआ। यह अंग्रेजों के समय में भी नहीं हुआ है। लोकतंत्र नहीं बचा।
-चौधरी सुखवीर सिंह, पूर्व विधायक, रालोद
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बिजनौर के कई किसान नेता लखीमपुर रवाना हुए
लखीमपुर में हुई घटना का असर बिजनौर में भी नजर आ रहा है। यहां के किसान नेताओं में इसे लेकर आक्रोष है। हालांकि जिले में कहीं प्रदर्शन की तो सूचना नहीं है, लेकिन भाकियू नेता दिगंबर सिंह कई साथियों के साथ लखीमपुर रवाना हो गए। इसके अलावा भी कई अन्य नेताओं के भी लखीमपुर जाने की बात कही जा रही है।

यह सत्ता की हनक, लखीमपुर जाकर लेंगे हिसाब
भाकियू नेता दिगंबर सिंह ने कहा कि मैं लखीमपुर के लिए निकल चुका हूं और रास्ते में हूं। वहां जो हुआ, वह सत्ता के अहंकार की पराकाष्टा है। इसका हिसाब हम लखीमपुर जाकर ही लेंगे। हमने जिले के किसानों से धैर्य रहने को कहा है। रालोद नेता और पूर्व सांसद मुंशीरामपाल ने कहा कि यह सत्ता की हठधर्मिता है। ऐसा तो अंग्रेजों के समय भी नहीं हुआ। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। हम किसानों को न्याय दिलाने के लिए लखीमपुर खीरी जा रहे हैं।
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