लखीमपुर खीरी मे रविवार को किसान आंदोलन के दौरान हुआ बवाल अब बढ़ता जा रहा है। किसान आंदोलन से जुड़े लगभग सभी किसान नेता लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो चुके हैं। इस बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान मसूद ने कहा कि लखीमपुर खीरी में घिनौना कृत्य हुआ है। जिम्मेदार मंत्री का इस्तीफा लिया जाना चाहिए और हत्या का मुकदमा होना चाहिए। किसानों की लड़ाई अपने मुद्दों को लेकर सरकार से है, किसी व्यक्ति से नहीं। किसानों के आंदोलन को इस तरह कुचलना बेहद निंदनीय है।
रालोद के प्रतिनिधि मंडल में तीन बिजनौर से
रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने लखीमपुर खीरी में हुई घटना के आकलन के लिए जो प्रतिनिधि मंडल बनाया गया है, उसमें तीन बिजनौर से हैं। इनमें पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रवीण देशवाल, पूर्व विधायक चौधरी सुखवीर सिंह, पूर्व सांसद मुंशी रामपाल शामिल हैं। इन सभी ने लखीमपुर खीरी की घटना पर रोष जताया। साथ ही कहा कि वह वहां की स्थिति से पार्टी हाईकमान को अवगत कराएंगे।
किसानों के सत्याग्रह को बर्बरता पूर्ण कुचला गया। यह कोई तरीका नहीं है। यह लोकतंत्र की हत्या है। हम रालोद प्रमुख जयंत चौधरी के निर्देश पर लखीमपुर जा रहे हैं। वहां पीड़ित परिवार से मिलेंगे।
-प्रवीण देशवाल, पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष, रालोद
हमे पार्टी की ओर से लखीमपुर खीरी रवाना होने के लिए कहा गया है। पूरी स्थिति का आकलन करेंगे और पार्टी हाइकमान को रिपोर्ट करेंगे। जो हुआ, बहुत गलत हुआ। यह अंग्रेजों के समय में भी नहीं हुआ है। लोकतंत्र नहीं बचा।
-चौधरी सुखवीर सिंह, पूर्व विधायक, रालोद