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जिला बार में पांच फीसदी भी नहीं हैं महिला अधिवक्ता

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मधु मिश्रा, एडवोकेट - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमण ने महिला अधिवक्ता को न्यायपालिका में 50 फीसदी आरक्षण का समर्थन किया है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि यह उनके हक की बात है, कोई भीख नहीं है। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों में भी सीजेआई ने महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने की मांग की है। उनकी इस बयान का जिले की महिला अधिवक्ताओं ने स्वागत किया है। विदित हो कि यहां की जिला बार में महिला अधिवक्ताओं की संख्या पांच फीसदी भी नहीं है।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना ही चाहिए, इसके लिए वह आवाज उठाती रहेंगी। महिला वकीलों ने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाओं को उनका हक मिलना ही चाहिए। समाज को पुरुषवादी सोच को त्यागकर महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका देना होगा।
महिलाओं को अपने हक के लिए आवाज उठानी ही चाहिए। मैं सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई के बयान का पूरा समर्थन करती हूं और महिला वकीलों के लिए आवाज उठाने के लिए तैयार हूं। आज भी महिलाओं को उपेक्षा की नजर से देखा जाता है। - रिचा सक्सेना, एडवोकेट
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सीजेआई का बयान एकदम सही है। महिला वकीलों को न्यायपालिका में 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना ही चाहिए। महिलाएं किसी भी मामले में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। बहुत-सी महिलाएं वकालत करना चाहती हैं, लेकिन ऐसा पुरुष बिल्कुल भी नहीं चाहते हैं। - गुलिस्तां खां, एडवोकेट
न्यायिक कार्यों में महिलाएं पुरुषों से आगे हैं और ईमानदारी से काम करने में विश्वास रखतीं हैं। यदि न्यायपालिका में महिलाओं का आरक्षण बढ़ जाएगा, तो इससे उनकी भागीदारी बढ़ेगी। शिक्षण संस्थानों में भी महिलाओं को आरक्षण की मांग का समर्थन करती हूं। - मधु मिश्रा, एडवोकेट
महिलाओं के हक की बात आती है तो हमारा समाज इसे स्वीकार नहीं कर पाता है। जबकि महिलाएं सभी क्षेत्रों में पुरुषों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। न्यायिक क्षेत्र में महिला वकीलों ने खुद की पहचान बनाई है। महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए। - रफत जहां, एडवोकेट
एक महिला होने के नाते न्यायपालिका में महिलाओं को 50 प्रतिशत और शिक्षण संस्थानों में भी आरक्षण दिए जाने की मांग के समर्थन में हूं। आखिर महिलाएं किसी पुरुष से पीछे क्यों रहें, जबकि वह हर मामले में उनसे आगे पहुंचने का मद्दा रखती हैं। - मुक्ता कालरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बार एसोसिएशन
बार अध्यक्ष ने जताई असहमति
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनंत कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं को पहले से ही सभी क्षेत्रों में 33 प्रतिशत आरक्षण सरकार की ओर से प्रदान किया है। न्यायिक क्षेत्र में भी यही आरक्षण व्यवस्था चल रही है। ऐसे में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग गलत है। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। बार एसोसिएशन इसका विरोध करेगी।

गुलिस्तां खां, एडवोकेट- फोटो : SHAHJAHANPUR

रिचा सक्सेना, एडवोकेट- फोटो : SHAHJAHANPUR

रफत जहां, एडवोकेट- फोटो : SHAHJAHANPUR

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