शाहजहांपुर। पीलीभीत में छात्र से दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला हो या अल्हागंज में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों से नाराजगी है। आधी आबादी ने दुष्कर्म और छेड़छाड़ के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जताई है। कहा कि दुष्कर्म के दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से मुकदमा चलाकर जल्द सख्त सजा करानी चाहिए। साथ ही पुलिसिंग को मजबूत कर अपराधियों में खौफ पैदा किया जाए। महिलाओं को भी जागरूक होकर हो रहे अत्याचारों का विरोध करना चाहिए।
नारी उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। पीलीभीत और अल्हागंज की घटना ने झकझोर कर रख दिया है। सरकार का नारी सशक्तिकरण का दावा खोखला साबित हो रहा है। अपराधी बेलगाम होते जा रहे हैं वह खुलेआम महिलाओं का चीर हरण कर रहे हैं। इस पर तत्काल लगाम कसनी चाहिए। - अनामिका गुप्ता, प्रधान गांव बरहा मोहब्बतपुर, तिलहर
योगी सरकार में नारी उत्पीड़न की घटनाएं शर्मनाक है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए। पीलीभीत में अपराधी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। अल्लाहगंज की घटना शर्मनाक है। राष्ट्रीय गो रक्षक संघ नारी उत्पीड़न की घटनाओं की घोर निंदा करता है।
रीना सक्सेना, जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ राष्ट्रीय गो रक्षक संघ, तिलहर
निर्भया कांड की तरह ही पीलीभीत के बरखेड़ा में किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिया जाना जरूरी है। तब ही पीड़िता को न्याय मिलेगा। - रिचा सक्सेना, एडवोकेट
इंसानियत खत्म होती जा रही है। छोटी-छोटी बच्चियों को भी दरिंदें अपनी हवस का शिकार बना रहे हैं। पीलीभीत की घटना के बाद से मेरे ही नहीं हर लड़की में गुस्सा है। हमारी मांग है कि किशोरी के साथ दरिंदगी करने वालों को फांसी की सजा से दंडित किया जाए। - शैला खान
इस तरह का जघन्य अपराध करने वालों को फांसी की सजा होनी चाहिए। पुलिस आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर और जल्द विवेचना पूरी कर सख्त सजा दिलवाने का काम करे। ऐसे दरिंदों को फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए।
रीता रानी गुप्ता, अधिवक्ता पुवायां
अभी तक आरोपियों का पता नहीं चलना दुर्भाग्यपूर्ण है। आरोपियों को जल्द पकड़कर जेल भेजना चाहिए और सख्त सजा दिलानी चाहिए। पुलिस, प्रशासन और समाज के प्रबुद्घ लोगों को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं, इस पर विचार करना चाहिए।
दामिनी भदौरिया, छात्रा मलिका खुटार
रिचा सक्सेना, एडवोकेट- फोटो : SHAHJAHANPUR
शैला खान- फोटो : SHAHJAHANPUR
रीता रानी गुप्ता, अधिवक्ता पुवायां- फोटो : POWAYAN
दामिनी भदौरिया, छात्रा मलिका खुटार- फोटो : POWAYAN
अनामिका गुप्ता तिलहर- फोटो : SHAHJAHANPUR