शाहजहांपुर। शहर में नगर निगम की ओर से सामुदायिक शौचालय व पेशाबघरों का निर्माण करवाया गया है। इनमें कइयों के दरवाजे टूटे हैं, तो किसी में ताला पड़ा हुआ है। इसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ती है। उनके लिए बनाए गए पिंक शौचालयों के आसपास गंदगी फैली रहती है।
नगर निगम की ओर से शहर में 11 सामुदायिक, 10 सार्वजनिक और छह पिंक शौचालय बनाए हैं। इन सभी की साफ-सफाई और देखरेख की जिम्मेदारी नगर निगम की है। खिरनीबाग में जीआईसी खेल मैदान के पास, बीएसए कार्यालय के अंदर और गोविंदगंज में ओवरब्रिज के नीचे महिलाओं के लिए बने पिंक शौचालय की सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाता है। गोविंदगंज में ओवरब्रिज के नीचे पिंक शौचालय के पास ही कूड़ा डलाव घर बना हुआ है।
कूड़ा सड़क तक फैला रहता है। यहां किसी का टॉयलेट के लिए जाना संभव ही नहीं है। शौचालय की सीढ़ियों के सामने गंदा पानी भरा हुआ है।
खिरनीबाग में जीआईसी खेल मैदान के पास जिला जेल के कोने पर बने पिंक शौचालय के दरवाजे पूरी तरह से गले हुए हैं। बीएसए कार्यालय के परिसर में बने पिंक शौचालय का भी यही हाल है। हनुमतधाम के सामने एक सामुदायिक पेशाबघर में ताला पड़ा मिला। बीएसए कार्यालय के बाहर स्थित सामुदायिक पेशाबघर का दरवाजा ही गल चुका है।
सार्वजनिक शौचालय में लटक रहा ताला, फर्श भी धंसा
पुवायां। 25 वार्ड वाली नगर पालिका पुवायां को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। कस्बे में पशु अस्पताल के पास बने सार्वजनिक शौचालय के कई कक्षों में ताला लगा हुआ है और शौचालय की स्थित भी ठीक नहीं है। पुवायां ब्लॉक में कुल 78 ग्राम पंचायतों के कुल 183 गांव हैं। इनमें से कुछ ग्राम पंचायतें ही ओडीएफ हो सकी हैं, बाकी पर काम चल रहा है। खंड विकास अधिकारी ऋषिकांत अहिरवार ने बताया कि एडीओ पंचायत के पास इस कार्य का रिकार्ड होता है। वह इस समय छुट्टी पर हैं।
गांवों में बने बिना दरवाजे के शौचालय
खुटार। ब्लॉक में 161 राजस्व गांव हैं, जिसमें से 15 गांव गैर आबाद हैं। सभी 59 ग्राम पंचायतें ओडीएफ हैं, लेकिन कई गांवों में शौचालय जर्जर हालत में हैं। कहीं तो शौचालयों में दरवाजे तक नहीं हैं। एडीओ पंचायत अनुराग शर्मा ने बताया कि ग्राम सभाओं को अब ओडीएफ प्लस घोषित किया जाना है। इसके लिए 257 लाभार्थियों का शौचालय का पैसा आ चुका है। 583 लाभार्थी बाकी है। खुटार में अभी कोई भी पंचायत ओडीएफ प्लस नहीं हुई है।
प्रशासन का दावा : चार वर्ष में गांवों में 3.4 लाख, शहरी क्षेत्र में 10837 बने शौचालय
शाहजहांपुर। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) बनाने के लिए वर्ष 2014 से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालयों के निर्माण में तेजी आई। पिछले चार वित्तीय वर्ष में जनपद के ग्रामीण क्षेत्र में तीन लाख, 40, हजार 523 और शहरी क्षेत्र में 10837 शौचालय बनाए जा चुके हैं। जनपद की सभी 1077 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। तमाम नए परिवार सृजित होने और संयुक्त परिवारों के बिखराव आदि कारणों से शौचालयों की मांग लगातार बढ़ रही है।
बीते चार वित्त वर्षों में सर्वाधिक 70792 शौचालय ददरौल विधानसभा क्षेत्र और सबसे कम 16527 शौचालय शहर विधानसभा क्षेत्र में बनाए गए हैं। अर्थ एवं संख्या विभाग द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार इसी अवधि में कटरा विधानसभा क्षेत्र में 56379, जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र में 66202, तिलहर विधानसभा क्षेत्र में 60429 और पुवायां विधानसभा क्षेत्र में 70195 स्वच्छ शौचालय निर्मित कराए जा चुके हैं।
जिला कृषि अधिकारी एवं प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक के अनुसार चालू वित्त वर्ष में जनपद के सभी विधानसभा क्षेत्रों में 17826 शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके सापेक्ष 2135 शौचालय बन चुके हैं और शेष 15691 निर्माणाधीन श्रेणी में हैं। उनका कहना है कि अधिकतर आवास नए विकसित परिवारों के बनाए जा रहे हैं।
नगर निगम की ओर से 11 सामुदायिक और 10 सार्वजनिक शौचालय बनाए हैं। छह पिंक टायलेट बने हैं। कुछ नए शौचालयों का निर्माण कार्य चल रहा है। सभी संचालित शौचालय व पेशाबघरों की साफ-सफाई व देखरेख का काम नगर निगम का है। दो टीमें बनाकर छह सफाई कर्मचारियों को लगाया गया है। किसी शौचालय में ताला नहीं डलवाया जाता है, यदि कहीं पड़ा है तो उनको खुलवा दिया जाएगा।
- पवन कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, नगर निगम शाहजहांपुर।
लंबे समय तक यूरिन रोकना स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत खतरनाक है। यूरिनरी स्ट्रेस इनकॉन्टीनेंस की समस्या महिलाओं में बढ़ जाती है। इसमें महिलाओं को खांसने, जोर से छींकने में अक्सर कम मात्रा में यूरिन पास हो जाती है। यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, ल्यूकोरियो की दिक्कत भी हो सकती है। गंदे स्थान पर यूरिन पास करने पर संक्रमण की संभावना प्रबल रहती है। लंबे समय तक यूरिन रोकने से किडनी पर भी घातक असर पड़ता है।
डॉ. संगीता मोहन, वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक।
शाहजहांपुर के गोविंदगंज ओवरब्रिज के नीचे बना महिलाओं के लिए शौचालय के पास पड़ी गंदगी के पास घूमत?- फोटो : SHAHJAHANPUR
खुटार के गांव पिपरिया भागवंत निवासी राधेश्याम के घर बना बिना दरवाजे का शौचालय- फोटो : POWAYAN
पुवायां में पशु अस्पताल के पास सार्वजनिक शौचालय की धंसी फर्श- फोटो : POWAYAN