जनपद में कोरोना वायरस की पहली लहर के समय में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल काफी ज्यादा हाल खराब था। दूसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर मारा-मारी मची। एक-एक सिलिंडर के लिए सैकड़ों लोग परेशान रहे।
कोरोना महामारी की पहली लहर में स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियां उजागर हुई थीं। इसके बाद सबक लेते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया। दूसरी लहर में आक्सीजन की मारामारी के बाद जनपद में पांच ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए। कई ऑक्सीजन प्लांट निजी अस्पतालों में बने हैं। वैक्सीनेशन की रफ्तार भी काफी तेजी से बढ़ी है।
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जनपद में कोरोना वायरस की पहली लहर के समय में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल काफी ज्यादा हाल खराब था। दूसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर मारा-मारी मची। एक-एक सिलिंडर के लिए सैकड़ों लोग परेशान रहे। तमाम लोगों की मौत हो गई। इसके बाद ऑक्सीजन प्लांट बढ़ाने पर काम किया गया। राजकीय मेडिकल कॉलेज में चार ऑक्सीजन प्लांट बनाए गए हैं। जबकि सीएचसी जलालाबाद में एक प्लांट तैयार है। इसके अलावा कृभको फर्टिलाइजर में एक, वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज में एक, सत्यानंद अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में पीकू वार्ड में मरीजों को भर्ती करने का पूरी व्यवस्था है। वार्डों में बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप लाइन डाली गई है।
स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ज्यादा बेहतर हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग के पांच आक्सीजन प्लांट हैं। वैक्सीनेशन भी बड़े पैमाने पर कराया जा रहा। कोरोना से लड़ने के लिए महकमा पूरी तरह से तैयार है। - डॉ. एसपी गौतम, सीएमओ
114 प्रतिशत लोग पहली डोज लगवा चुके हैं।
106 प्रतिशत लोगों ने दूसरी डोज लगवा ली है।
98 प्रतिशत 15 से 17 वर्ष उम्र वालों को लगी वैक्सीन।
60 प्रतिशत 15 से 17 वर्ष वालों को दूसरी डोज लगी।
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41 प्रतिशत टीकाकरण के साथ प्रदेश में टॉप पर पहुंचा जिला
12 से 14 वर्ष तक के 41 प्रतिशत बच्चों को वैक्सीन लगाकर जनपद ने प्रदेश में टॉप रैंकिंग हासिल की है। 28 प्रतिशत टीका लगाकर बलिया ने दूसरा स्थान पाया है। सीएमओ डॉ. एसपी गौतम ने बताया कि दो लाख, 10 हजार बच्चों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने 53 हजार बच्चों के टीका लगा दिया है।