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खुले ट्रांसफार्मरों और जर्जर लाइनों से बारिश में बढ़ेगा करंट का खतरा 19-25-38

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शाहजहांपुर। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बिजली नेटवर्क का उच्चीकरण करके नए उपकेंद्र बनाए जा रहे हैं, लेकिन सड़कों के किनारे खुले में रखे ट्रांसफॉर्मर खतरा बने हुए हैं। जहां ट्रांसफॉर्मर के आसपास लोहे के जाल या फेंसिंग लगी हैं वो जर्जर हो चुकी हैं। 11 केवी वाली लाइनों को सुधारने पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कभी बजट तो कभी सामान की कमी बताकर यह काम टाले जा रहे हैं। मानसून सीजन में लाइनों में फॉल्ट बढ़ने के साथ ही ट्रांसफॉर्मरों और खुले तारों के मकड़जाल से घिरे पुराने खंभों पर करंट से हादसे बढ़ने की आशंका है।
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ट्रांसफॉर्मरों के आसपास कचरा देख मंडरा रहे पशु
शहर में बिजली नेटवर्क 250 किमी हाईटेंशन लाइनों समेत 500 से अधिक ट्रांसफॉर्मरों पर टिका है। शहर के चौराहों-तिराहों और मुख्य मार्गों के किनारे करीब एक दर्जन से ज्यादा ट्रांसफॉर्मर जहां-तहां खुले में रख छोड़े गए हैं। ट्रांसफॉर्मर कंक्रीट के फाउंडेशन पर स्थापित हैं, लेकिन उन्हें लोहे की जाली अथवा फेंसिंग (तारों की बाड़) से घेरने की जरूरत नहीं समझी गई। ट्रांसफॉर्मरों के आसपास घरेलू कूड़ा-कचरा डाले जाने से आवारा पशु बारिश में कचरे के पास जाते ही करंट की चपेट में आ जाते हैं। एसपी हिंदू इंटर कॉलेज के पास ट्रांसफार्मर खुला रखा है और उसी के पास कचरा फैला है। उस्मानबाग पुलिस चौकी के पास रखे ट्रांसफार्मर के पास भी यही हाल है। कनौजिया तिराहा-ईदगाह मार्ग पर आनंदपुरम कालोनी वाले मोड़ के पास रखा ट्रांसफार्मर भी जनहित के लिहाज से पूरी तरह असुरक्षित है।
सभी ट्रांसफॉर्मरों को सुरक्षा घेरे की जरूरत
महानगर के जेल रोड, सिंजई, मल्हार मोड़, ईदगाह तिराहा, सुभाषनगर, अजीजगंज, गर्रा फाटक, लोधीपुर, सरायकाइयां, बिजलीपुरा, स्टेशन रोड, एमनजई जलालनगर, हुसैनपुरा, हयातपुरा, ककरा कलां, लोहारों का चौराहा, लाला तेली बजरिया, अहमदपुर रेती, रेती की नई बस्ती, किला, बंगश क्षेत्रों में सड़कों के चौड़ीकरण के बाद वहां पहले से स्थापित ट्रांसफॉर्मर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर उनकी फेंसिंग कराए जाने की जरूरत है। यह काम कब तक हो सकेगा, इस बारे में अभियंता निश्चित रूप से कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं हैं।
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नगर निगम से प्रस्ताव मिलने के बाद तमाम ट्रांसफॉर्मर मार्गों पर पीछे शिफ्ट कराए जा चुके हैं और यह काम अभी जारी है। खुले में रखे ट्रांसफॉर्मरों की फेंसिंग कराने के लिए निदेशालय को दो बार कार्य योजना भेजी गई, लेकिन बजट स्वीकृत नहीं हुआ। विद्युत निगम मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार आरसी की वसूली से प्राप्त धनराशि से डीएम की अनुमति लेकर ट्रांसफॉर्मरों की फेंसिंग कराई जा रही है। -प्रशांत गुप्ता, एक्सईएन (सिटी), विद्युत निगम
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