शाहजहांपुर। कांट के भंडेरी गांव में ददरौल से भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। विधायक द्वारा हर संभव मदद के आश्वासन पर मृतक राघवेंद्र के पिता रामनरेश भड़क गए। उन्होंने हादसे के तीसरे दिन बाद विधायक के आने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अब तक कहां थे। इस पर विधायक ने चुप्पी साध ली।
हापुड़ हादसे में गांव के दस लोगों की मौत और छह बच्चों समेत 18 लोग झुलसे हैं। घायलों का इलाज दिल्ली, गाजियाबाद के अस्पतालों में चल रहा है। इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता देखने को मिली। हादसे के 27 घंटे के बाद रविवार को एडीएम गिरिजेश चौधरी, सीओ सदर आदि पहुंचे। ददरौल विधानसभा के गांव में इतने लोगों की मौत के बाद लोगों में स्थानीय विधायक के प्रति नाराजगी थी। सोमवार को मृतकों के अंतिम संस्कार से पहले डीएम उमेश प्रताप सिंह ने गांव पहुंचकर परिजन के जख्मों पर मरहम लगाने का प्रयास किया।
डीएम के बाद एसपी भी पहुंचे। प्रशासनिक अमले के आने के बाद और अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान ददरौल विधायक मानवेंद्र सिंह गांव में आए। इस बीच विधायक को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। हादसे में मृत राघवेंद्र के पिता रामनरेश ने विधायक से कहा कि इतने दिन से आप कहां थे? हमारे परिवार के चार लोग हादसे में मर गए और आप तीसरे दिन सांत्वना देने आ रहे हैं। पिछले साल एक हादसे में भंडेरी गांव के कुछ लोगों की मौत हुई थी तब भी नहीं आए थे। विधायक ने रामनरेश की बात सुनकर चुप्पी साध ली। गांव में भाजपा के महानगर अध्यक्ष अरुण गुप्ता, वरिष्ठ नेता कौशल मिश्रा, सपा नेता नीरज मिश्रा ने भी पहुंचकर दुख व्यक्त किया।
दो लाख के मुआवजे पर ग्रामीण बोले- इतने से क्या होगा
डीएम उमेश प्रताप सिंह व एसपी एस. आनंद ने मृतकों व घायलों के परिजन से मिलकर सांत्वना दी। उन्हें हर संभव मदद दिलाने का वादा किया। डीएम ने मुख्यमंत्री पारिवारिक सहायता योजना के तहत मृतकों के परिजन को दो लाख रुपये की सहायता राशि देने की बात कही तो ग्रामीण बोले- इतने से क्या होगा। इस पर डीएम ने स्थानीय स्तर से मदद कराने का भरोसा दिलाया। डीएम ने कहा कि आठ भूमिहीनों को आवास और कृषक पट्टा दिया जाएगा। श्रम विभाग को निर्देश दिए कि वह गांव के बेरोजगारों की सूची बनाकर उपलब्ध करा दें, जिससे स्थानीय फैक्टरी में वार्ता कर समायोजित कराया जा सकें। मृतकों के बच्चों को शिक्षा दिलाने का वादा किया। प्रशासन की टीम मृतकों को लाभ देने के लिए सर्वे करने के लिए पहुंच गई।
पाउडर बनाने की फैक्टरी बताकर ले गया था ठेकेदार
गांव का अमित नाम का युवक पाउडर बनाने की फैक्टरी में काम दिलाने की बात कहकर करीब 40 लोगों को ले गया था। हापुड़ पहुंचने के बाद उसने पटाखा फैक्टरी में लगवा दिया। मृतक राघवेंद्र के पिता रामनरेश ने ठेकेदार पर प्रत्येक मजदूर के नाम पर कमीशन लेने व धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। डीएम ने आश्वस्त किया कि वह तहरीर दें, उसके बाद संबंधित पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जितिन ने सोशल मीडिया पर जताया दुख
हापुड़ की अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट से गृह जनपद के गांव भंडेरी व अन्य स्थानों के मजदूरों की मृत्यु की खबर ने मन को झकझोर दिया। सभी मृतकों के परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। -जितिन प्रसाद, लोक निर्माण मंत्री
लखनऊ में राष्ट्रपति के कार्यक्रम में जाते समय रास्ते से लौटकर गांव आए हैं। मृतक के परिजन की हर संभव मदद की जाएगी। पूरा प्रशासन गांव में आया है। पार्टी के कार्यकर्ता भी मदद करेंगे। -मानवेंद्र सिंह, विधायक, ददरौल
दो-दो लाख रुपये मृतकों के आश्रितों और घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद की गई। उसके अलावा स्थानीय योजनाओं का लाभ है। आठ भूमिहीन लोगों को पट्टा भी दिया जाएगा। हापुड़ ले जाने वाले ठेकेदार के खिलाफ तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। -उमेश प्रताप सिंह, डीएम