शाहजहांपुर के एक मिठाई प्रतिष्ठान पर शोकेस में सजी मिठाइयां। संवाद
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शाहजहांपुर। त्योहारी सीजन में मिठाइयों की बढ़ती मांग को देखते मिठाई विक्रेताओं ने प्रशासन से रविवार को दुकानें खोल कर बिक्री करने की अनुमति देने की मांग की है। आगामी 22 अगस्त को रविवार के दिन रक्षाबंधन का त्योहार पड़ रहा है। विक्रेताओं का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू की साप्ताहिक बंदी के तहत रविवार को दुकानें बंद रहने से उन्हें कारोबारी नुकसान उठाना पड़ेगा और जन सामान्य को भी त्योहार मनाने के लिए मिठाइयां नहीं मिल पाएगी। इसे लेकर मिठाई विक्रेता व्यापार संगठनों के पदाधिकारी अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। विक्रेताओं के मुताबिक यदि त्योहार वाले दिन दुकानें बंद रहती हैं तो करीब 1.5 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होगा।
जिले मेें ऐसे लगभग 150 मिठाई विक्रेता हैं और उनका सालाना कारोबार 12 लाख रुपये और इससे अधिक है। बड़े पैमाने पर मिठाइयां तैयार करने वाले इन दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा विभाग ने लाइसेंस भी जारी किए हैं। इनके अतिरिक्त करीब 800 से अधिक ऐसे मिठाई विक्रेता हैं, जिनका वार्षिक टर्नओवर 12 लाख रुपये से कम है, लेकिन त्योहारी सीजन मेें मिठाइयों की मांग बढ़ने पर गली-मोहल्ले की इन दुकानों पर भी मिठाई की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में दुकानदार मिठाइयां तैयार कराने के लिए बाहर से कारीगर बुलाते हैं जो त्योहार से कई दिन पहले से मिठाइयां तैयार करने में जुट जाते हैं। गत वर्ष दीपावली पर जनपद में करीब 12 करोड़ रुपये की मिठाइयां बिकी थीं। इसमेें भाई दूज को हुई लगभग तीन करोड़ की बिक्री अलग है।
रक्षाबंधन पर भी हर साल 2.5 से तीन करोड़ रुपये की मिठाइयां बिक जाती हैं, लेकिन इस बार कोरोना कर्फ्यू के कारण दुकानदार भारी मात्रा में मिठाइयां तैयार कराने को लेकर ऊहापोह का सामना कर रहे हैं। उनकी दुविधा यह है कि गत वर्ष रक्षाबंधन की तरह इस बार त्योहार के दिन दुकानें खोलने की अनुमति नहीं मिली तो उनकी लागत भी डूब जाएगी। दुकानदारों का कहना है कि अगर पहले से रविवार को दुकानें खोलने को अनुमति मिल लाए जाए तो ठीक होगा, क्योंकि मिठाइयां तैयार करने में भी 24 से 36 घंटे लग जाते हैं। अधिकांश मिठाई विक्रेताओं ने मिठाइयों के आर्डर में 40 से 50 फीसदी कटौती कर दी है।