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छात्रा का भाई बोला- वार्डन अपने बच्चों की देखभाल करने का बनाती थी दबाव

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शाहजहांपुर। छात्रा ने हॉस्टल में कमरे में जहरीला पदार्थ खाया था। परिजन ने कॉलेज के प्राचार्य को फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। छात्रा का भाई शाम राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती बहन के पास पहुंचा। तब तक छात्रा बोलने की स्थिति में नहीं थी। छात्रा के भाई का आरोप है कि हॉस्टल की वार्डन उसकी बहन पर अपने बच्चों की देखभाल करने का दबाव बनाती थी।
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छात्रा के भाई ने आरोप लगाया कि प्रथम वर्ष के दौरान छात्रा जिस हॉस्टल में थी वहां पर दूसरे वार्डन थे। छात्रा उनके घर जाकर कामों में हाथ बंटा देती थी। बहन जब द्वितीय वर्ष में आई तो वार्डन बदल गईं। दूसरी वार्डन छात्रा पर अपने बच्चे की देखभाल करने का दबाव बनाती थी। भाई के मुताबिक करीब एक महीने पहले वार्डन के इशारे पर चार-पांच छात्राओं का एक ग्रुप बना था। वही ग्रुप उसकी बहन को काफी परेशान करने लगा। करीब एक महीने पहले छात्राओं ने कमरे में आकर उसके साथ मारपीट की थी। उसके चेहरे और सिर में चोटे आई थीं।
शिकायत करने पर प्रधानाचार्य ने कार्रवाई करने की बजाए उन छात्राओं से बहन से पैर छूकर माफी मंगवा दी थी। चार-पांच दिन पहले वार्डन के इशारे पर छात्राओं ने उसके साथ मारपीट कर जान से मारने की कोशिश की थी। भाई को आशंका है कि दो-तीन दिन पहले वार्डन के कहने पर छात्राओं ने उसकी बहन का कमरे के बाथरूम में नहाते हुए वीडियो बना लिया। जब छात्रा ने इसका विरोध किया तो वार्डन ने वीडियो को वायरल करने की धमकी दी। बहन को इस हालत में पहुंचाने वाले आरोपियों के खिलाफ भाई ने कार्रवाई की मांग की है।
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दवा लेने भी नहीं जाने देती थी वार्डन : पिता
छात्रा के पिता ने बताया कि कॉलेज स्टाफ की तरफ से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। अन्य लोगों ने छात्रा के बारे में बताया। जब प्रधानाचार्य और वार्डन को फोन किया तो उन्होंने दिनभर फोन नहीं उठाया। आरोप है कि वार्डन बेटी को तबीयत खराब होने पर उसको अस्पताल भी नहीं जाने देती थी। तबीयत खराब होने पर बेटी से छुट्टी लेकर दोस्त के घर रहकर इलाज कराने के लिए परिजन ने कहा। तब बेटी कुछ दिन की छुट्टी लेकर अपनी दोस्त के घर चली गई। छुट्टी पूरी होने पर जब छात्रा हास्टल गई तो वार्डन ने हॉस्टल में प्रवेश देने से इनकार कर दिया। पिता ने वार्डन और अन्य छात्राओं पर कार्रवाई की मांग की है।
छात्रा ने यह लिखा है सुसाइड नोट में
जब से हमारे हास्टल की वार्डन बदली हैं तब से मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान हूं। मेरी हास्टल वार्डन ने कुछ समय पहले हॉस्टल की कुछ लड़कियों से मुझे पिटवाया था। इसकी वजह से मैं यहां के सरकारी अस्पताल में भर्ती हुई थी। उन्होंने मुझे अकेले में धमकी दी और एक बहुत गंदा वीडियो दिखाया, जिसमें मैं बाथरूम में नहा रही थी। मैंने अपनी जिंदगी में काफी कुछ झेला है, जिसको लेकर मैं बहुत परेशान हूं। अपनी जिंदगी में अब और नहीं झेल पा रही हूं। मुझसे कहा गया कि ये सब बातें मैंने किसी को बताईं तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। मैं और मेरे माता-पिता मुंह न दिखा पाएंगे। मम्मी-पापा, भइया प्लीज हमें माफ कर दीजिएगा। मैं नहीं चाहती थी कि मेरे कारण मेरे माता पिता और भाई को शर्मिंदा होना पड़े पर अब मैं जीना नहीं चाहती इसलिए मैं अपनी जान देने जा रही हूं। मम्मी-पापा और भइया आप लोग अपना ख्याल रखना, मैं नहीं चाहती जो मेरे साथ हुआ वो भविष्य में किसी और के साथ हो।
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