शाहजहांपुर में परौर क्षेत्र के गांव दहिलिया के पास भूमि कटान करती रामगंगा की धारा। संवाद
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शाहजहांपुर। रामगंगा के जलस्तर में शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी वृद्धि जारी रही। नदी की धार ने अब नारायणनगर पश्चिमी से रुख मोड़कर दहिलिया गांव की ओर कर लिया है। सुबह ग्रामीणों ने नदी किनारे कटान होते देखा तो सिंचाई विभाग के अभियंताओं को सूचना दी। बाद में कलान के एसडीएम रमेश बाबू ने राजस्व विभाग के अधिकारियों और सिंचाई विभाग के अभियंताओं के साथ बाढ़ और कटान से प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया।
उधर, जलालाबाद के ढाई घाट क्षेत्र से लेकर मिर्जापुर और कलान तक गंगा में पानी बढ़ रहा है। भैंसार बांध पर जलस्तर दो सेमी बढ़कर 143.35 मीटर हो गया। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि रामगंगा और शहर के समीप गर्रा में पानी बढने के आसार हैं, क्योंकि दोनों नदियों में विभिन्न बैराजों से पानी की अतिरिक्त निकासी बढ़ा दी गई है।
सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि पहाड़ों पर हुई व्यापक वर्षा के कारण उत्तराखंड और पश्चिमी उप्र के खो, हरेली, किच्छा, रामनगर और कालागढ़ से रामगंगा में अतिरिक्त पानी की निकासी बीते 24 घंटे की तुलना में करीब 12 हजार क्यूसेक बढ़ गई है। इसीलिए रामगंगा आज भी तीन सेमी बढ़ गई।
बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा का जलस्तर 159.60 हो गया है। नरौरा बैराज से बीते दिन की तुलना में पानी की मात्रा 17 हजार क्यूसेक कम हुई है, लेकिन अभी वहां से 63496 क्यूसेक पानी निकल रहा है और इसीलिए ढाईघाट से लेकर मिर्जापुर के आगे कलान क्षेत्र तक गंगा फैलाव लिए हुए है।
कटान स्थलों का आज फिर निरीक्षण किया है। सभी जगह सिंचाई विभाग के स्तर से कटान रोकने को व्यापक उपाय किए जा रहे हैं। इस कार्य को तेजी से कराने के निर्देश दिए हैं ताकि नदी उतार पर आने के दौरान किनारे की जमीनों को कटने से बचाया जा सके। सिंचाई अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं कि कटान स्थलों पर वायर क्रेट बनाकर उसमें बोरियां डालें ताकि वह अपने स्थान से खिसकें नहीं।
-रमेश बाबू, एसडीएम, कलान