शाहजहांपुर। हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने से बुधवार देर रात से बादल छाने लगे और बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे से झमाझम बरसात शुरू हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक बादलों की गरज के साथ 92 मिमी बरसात होने से गर्मी से बेहाल जनजीवन को कुछ देर को फौरी राहत मिल गई, लेकिन शहर में कई स्थानों पर जलभराव होने से आवागमन देर तक प्रभावित रहा। दस बजे के बाद बादल छंटने से धूप निकली तो उमस भरी गर्मी फिर से अपने तेवर दिखाने लगी और दोपहर तक अधिकतम तापमान भी 0.5 डिग्री बढ़कर 35 डिग्री सेल्सियस हो गया।
सुबह आठ बजे तक बारिश थम गई, लेकिन शहर में कई स्थानों पर जलभराव से सड़कें और सरकारी कार्यालयों के अहाते तालाब में बदले नजर आने लगे। नाले-नालियां गंदगी से चोक होने के कारण बरसाती पानी को निकास का रास्ता नहीं मिला तो टाउनहाल में कवि तिराहा, नगर निगम कार्यालय परिसर, टेलीफोन एक्सचेंज के पास, अंबा सिनेमा वाली गली, लोक निर्माण विभाग का अतिथि गृह परिसर, कलक्ट्रेट के पीछे पुराने एसपी कार्यालय के सामने, जीआईसी परिसर, डीएसओ दफ्तर के सामने आदि तमाम स्थानों पर बारिश थमने के एक घंटे बाद तक पानी भरा रहा।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि बूंदाबांदी और बादल होने के कारण रात में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री घटकर 24.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। सुबह बारिश थमने के दो घंटे बाद तक अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक सीमित रहा, लेकिन बाद में धूप निकलने से उमस बढ़ने पर आर्द्रता 44 प्रतिशत घटकर 55 प्रतिशत रह जाने से थर्मामीटर का पारा दोपहर तक इतना उछला कि बीते दिन की तुलना में अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री बढ़कर 35 डिग्री सेल्सियस हो गया।
जलमग्न हुआ नगर निगम कार्यालय
बारिश से नगर निगम कार्यालय परिसर ही नहीं कक्षों तक में पानी भर गया। जबकि नगर निगम कार्यालय परिसर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगवाया गया है। कार्यालय में भरे बारिश के पानी को बाहर निकवाने के लिए मोटर लगाई, लेकिन उससे सफलता नहीं मिली। फिर टैंकर मंगवाकर पानी को खिंचवाया गया, तब जाकर नगर निगम कार्यालय में जलभराव से निजात मिल सकी। नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा का कहना है कि स्थान नीचा होने की वजह से बारिश का पानी भर जाता है। नगर निगम कार्यालय का नया भवन ककरा में निर्माणाधीन है।
सिंधौली में तेज हवा से खेतों में गिरा गन्ना
सिंधौली। बारिश के बाद तेज हवा के कारण क्षेत्र के कई किसानों का गन्ना खेतों में गिर गया। गांव सिकलापुर निवासी गुड्डू वर्मा, बारापुर निवासी हीरालाल ने बताया कि तेज हवा और बारिश के कारण उनकी गन्ना की फसल खेत में गिर गई। इससे उन्हें गन्ने की उपज कम होने की चिंता सता रही है। कृषि विज्ञान केंद्र की स्वचालित मौसम वेधशाला के प्रभारी मौसम वैज्ञानिक रोवित कुमार के अनुसार बीती शाम सिंधौली ब्लॉक क्षेत्र में 18.5 मिमी बारिश होने से खेतों की मिट्टी पहले से ही नम और मुलायम हो चुकी थी। इसी क्षेत्र में आज सुबह 45 मिमी बारिश के साथ तेज हवा चली तो गन्ना जड़ों से ढीला पड़ने के कारण गिर गया होगा।
बारिश से लहलहाएंगी धान और दलहनी फसलें
बुधवार शाम से बृहस्पतिवार सुबह तक जनपद में हुई व्यापक वर्षा से धान समेत खरीफ सीजन की दलहनी और तिलहनी फसलों को काफी लाभ होगा और उनकी बढ़वार तेज हो जाएगी। जिन किसानों के खेत नीचे हैं और उनमें लतावर्गीय सब्जियां बोई गई हैं, उनमें पानी भरना नुकसानदेह हो सकता है। इसी तरह तेज हवा से गन्ना को गिरने से बचाने के लिए किसान उसकी जल्द बंधाई कर दें।
-डॉ. एनसी त्रिपाठी, प्रभारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र