शाहजहांपुर। जलालाबाद तहसील को मिर्जापुर व कलान से जोड़ने वाले कोलाघाट पर क्षतिग्रस्त पैंटून पुल के पुनर्निर्माण कार्य में बारिश से बाधा पड़ गई है। यही नहीं, बीते दो दिन से हो रही बूंदाबांदी और बारिश के कारण पुल के दोनों ओर की रेतीली जमीन दलदल में बदल गई है। एप्रोच रोड खराब हो जाने से पुल तक पहुंचना कठिन हो रहा है और वहां तक पहुंचने के बाद पुल से पैदल नदी पार करना भी संभव नहीं है।
हालांकि, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के अनुसार एप्रोच रोड के खराब हिस्सों पर लोहे की चादरें डाली जाएंगी, ताकि विधानसभा चुनाव और उसके बाद भी आवागमन सामान्य बना रहे। एक्सईएन के अनुसार पुल के लिए 100 स्लीपरों की आखिरी खेप सोमवार सुबह तक कार्यस्थल पर पहुंच जाएगी।
लोनिवि के अभियंता और ठेकेदार चार दिन पहले से रविवार तक पैंटून पुल पैदल और दुपहिया वाहनों के यातायात के लिए खोल दिए जाने का दावा कर रहे थे, लेकिन बेमौसम की बारिश ने सब गुड़-गोबर कर दिया। अभियंताओं ने पुराने स्लीपर लगाकर पुल पर यातायात चालू कराने की योजना बनाई, लेकिन दो दिन पहले बारिश शुरू हुई तो यह काम भी रोकना पड़ गया। बारिश के कारण निर्माणाधीन पुल के लिए छत्तीसगढ़ स्थित रायपुर वन विभाग के काष्ठ डिपो से लकड़ी के नए स्लीपर भी नहीं आ सके।
पैंटून पुल को चालू करने के लिए अभी लगभग 65 स्लीपर की और आवश्यकता है। इधर, दो दिन से हो रही बारिश से पैंटून पुल निर्माण का कार्य भी रुक ही गया है। पुल निर्माण करवा रहे ठेकेदार अभिषेक कुमार ने बताया कि पुल में लगाये तीन पुराने पैंटून नीचे से लीकेज होकर नदी के पानी से भरने लगे है। दो दिन से लीकेज पैंटून की मरम्मत कराई जा रही है।
उधर, दो दिन से लगातार हो रही बारिश से पैंटून पुल से मिर्जापुर की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते में बारिश का पानी भर जाने से हुई कीचड़ में लोगों को पैदल तक निकलना मुश्किल हो रहा है। कच्चे रास्ते की चिकनी मिट्टी में लोग फिसल कर गिर रहे हैं। इससे पुल चालू होने के बाद भी कोलाघाट के रास्ते आने जाने वालों की दुश्वारियां कम होती नजर नहीं आ रहीं हैं।
पैंटून पुल के लिए रायपुर वन काष्ठ डिपो से स्लीपर की अंतिम खेप सोमवार तक आने की उम्मीद है। अब चूंकि, विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। इसलिए पुल को इतना मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि रामगंगा पार के बूथों पर जाने वाली पोलिंग पार्टियों को आवागमन में कोई दिककत नहीं हो और पक्का पुल बनने तक पैंटून पुल काम लायक बना रहे। पैंटून पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड पर डाली गई बलुई मिट्टी से कीचड़ हो गया है। इस समस्या को दूर करने के लिए एप्रोच रोड पर लोहे की चादर बिछाने का निर्णय लिया है।
-राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि (निर्माण खंड-1)