शाहजहांपुर। रेलवे स्टेशन पर नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य होने के कारण 22 जुलाई से रद्द और डायवर्ट ट्रेनें बृहस्पतिवार से पहले की तरह चलने लगीं। जंक्शन से चलने वाली शाहजहांपुर-बालामऊ और सीतापुर पैसेंजर का संचालन भी पहले की तरह हुआ।
शाहजहांपुर-पीलीभीत लाइन को जोड़ने के लिए 22 से 28 जुलाई तक मेगा ब्लॉक लिया गया था। इस बीच रोजाना चार से आठ घंटे तक नॉन इंटरलॉकिंग और यार्ड रिमॉडलिंग का काम किया गया। जिसमें रेलवे के विभन्न विभागों से संबंधित अधिकारियों की देखरेख में करवाया गया। काम को पूरा करने के लिए 800 से अधिक अधिकारी व कर्मचारियों को लगाया गया था। बुधवार को नॉन इंटरलॉकिंग और यार्ड रिमॉडलिंग के कार्य का फाइनल टेस्ट हुआ। इसका एडीआरएम मान सिंह मीणा ने निरीक्षण किया। शाहजहांपुर-पीलीभीत लाइन के जुड़ने के बाद अब इस रूट पर ट्रेनों के संचालन से पहले सीआरएस निरीक्षण की तैयारी की जा रही है। जोकि चार अगस्त को प्रस्तावित है।
उधर, बृहस्पतिवार को उत्तर रेलवे ने उन सभी ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया, जो कि नॉन इंटरलॉकिंग और यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के चलते रद्द और डायवर्ट कर दी गईं थीं। इनमें प्रयाग एक्सप्रेस, सीतापुर पैसेंजर, जनता समेत करीब एक दर्जन ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों के दोबारा संचालन से यात्रियों को राहत मिली है।
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निरस्त चल रहीं थीं ये 16 ट्रेनें
ब्लॉक मिलने के कारण 16 ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया था। इनमें गाड़ी नंबर 04305/06 बालामऊ-शाहजहांपुर-बालामऊ, 04337/08 सीतापुर-शाहजहांपुर-सीतापुर, 04307/08 प्रयाग-बरेली-प्रयाग, 04235/36 वाराणसी-बरेली-वाराणसी, 05011/12 लखनऊ-चंडीगढ़-लखनऊ, 04265/66 वाराणसी-देहरादून-वाराणसी, 04511/12 प्रयाग-सहारनपुर-प्रयाग, 05127/28 मंडुवाडीह-नई दिल्ली-मंडुवाडीह शामिल थीं।