शाहजहांपुर। बृहस्पतिवार रात को करीब 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा अंधड़ में बदली तो कई स्थानों पर 11 केवी और 440 वोल्ट की लाइनें तार आपस में टकराने से शार्ट सर्किट के कारण बंद होने लगीं। हालांकि, हवा का वेग बाद में थोड़ा धीमा पड़ गया, लेकिन आधी रात के बाद तक लाइनें ट्रिपिंग से बार-बार बंद होती रहीं।
बादल छाए होने से उमस पहले से बनी थी। आंधी जैसी हवा के चलते कुछ देर में बत्ती गुल हो गई। रात में 11 बजे तक हवा की गति सामान्य से ज्यादा रहने के कारण 11 केवी लाइनों के तार आपस में टकराए तो शार्ट सर्किट से तारों से चिनगारियां निकलने लगीं। हालांकि, लाइन फाल्ट रोकने को विद्युत उपकेंद्रों से फीडर बंद कर दिए। इसके बावजूद कई जगह खंभों पर लगे जंपर जल गए।
कुछ देर बाद फीडरों के चालू होने पर भी ककरा कलां, आनंदपुरम, तिलहरजई, मदराखेल, लोहारों का चौराहा, हथौड़ा, इंदिरानगर कालोनी, निगोही रोड गदियाना, गर्रा फाटक आदि स्थानों में बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई। इन लाइनों के जंपर जुड़ने के बाद रात 12 बजे से बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी। हालांकि, क्षेत्रीय अवर अभियंताओं का कहना है कि आंधी के अंदेशे में लाइनें पहले से बंद कर दिए जाने के कारण उनमें कोई बड़ी खराबी नहीं आई।
धुंध और धूप से पैदा हुई उमस ने बढ़ाई गर्मी
शाहजहांपुर। बृहस्पतिवार की रात अंधड़ जैसी ठंडी हवा चलने से गर्मी से परेशान जनजीवन को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद बंधी। इस दौरान रात में न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री कम होकर 24.8 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन शुक्रवार सुबह तक धुंध छाई रहने के साथ धूप ने तेजी पकड़ी तो उमस और गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा।
शुक्रवार को दोपहर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस हो गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह के अनुसार सुबह से शाम तक बैरोमीटर सूचकांक सामान्य से कम बना रहा और इसे देखते अगले 24 घंटे तक मौसम यथावत बना रहेगा और गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। संवाद