शाहजहांपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नौ नवंबर को प्रस्तावित आगमन के पीछे भाजपा के अपने राजनीतिक निहितार्थ भी है। 1991 की रामलहर रही हो या वर्ष 2017 के चुनाव के दौरान मोदी का मैजिक, जलालाबाद विधान सभा क्षेत्र भाजपा के लिए हमेशा बंजर ही रहा। चुनाव की दृष्टि से यहां का राजनीतिक इतिहास उलटफेर भरा रहा है और जनसंघ के टिकट पर चुनाव जीते दो उम्मीदवार विधान सभा पहुंच चुके है परंतु आजादी के बाद से अब तक हुए चुनाव में भाजपा का कमल यहां कभी नहीं खिला।
चुनौती बनी विधान सभा की इस सीट को भाजपा इस चुनाव में हर हाल में जीतना चाहती है। पूर्व में कई बार हुई पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में इसका जिक्र भी हो चुका है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री की यह सभा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी को जीत दिलाने को बनाये गए फुलप्रूफ प्लान की पहली कड़ी है। यहां के चुनावी इतिहास पर नजर डाले तो देश की आजादी के बाद 1952 के पहले विधान सभा चुनाव में कांग्रेस के रामगुलाम यादव ने परचम लहराया था जबकि 1957 के चुनाव में सोशलिस्ट पार्टी के हरदयाल विजयी हुए। 62 के चुनाव में कांग्रेस के केशव सिंह ने पुन: यह सीट पार्टी की झोली में डाल दी। इसके बाद 67 के चुनाव में जनसंघ पार्टी से दल सिंह यादव विजयी हुए परंतु दो साल बाद ही हुए मध्यावधि के चुनाव में कांग्रेस के केशव ने दल सिंह को पटखनी दे दी। 74 के चुनाव में जनसंघ ने बाजी मारते हुए दल सिंह को पुन: विधानसभा भिजवाया। वर्ष 1977 में जनता पार्टी की लहर के दौरान यहां से निर्दलीय प्रत्याशी कन्हाई सिंह जीते इसके बाद पुन: हुए मध्यावधि के चुनाव और उसके बाद हुए चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर दो बार उदयवीर सिंह ने जीत दर्ज की। वर्ष 1989 में यहां से जनता दल के टिकट पर राममूर्ती सिंह वर्मा ने जीत दर्ज की। खास बात यह कि 1991 में देश भर में चली रामलहर के बाद भी राममूर्ती यहां से सपा की सीट निकालने में कामयाब रहे। इसके बाद 1996 व 2002 में यहां से शरदवीर सिंह ने सपा के टिकट पर चुनाव जीता। वर्ष 2002 में यहां की सीट बसपा के खाते में चली गई और नीरज मौर्य ने जीत दर्ज की। वर्ष 2016 के विधान सभा चुनाव के दौरान पूरे देश मे मोदी का मैजिक लोगो के सिर चढ़कर बोल रहा था और जलालाबाद छोड़कर जनपद की सभी विधानसभा सीट भाजपा के खाते में गई परंतु इसके बाद भी यहां से सपा के शरदवीर सिंह विजयी हुए थे।
मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारी में जुटा रहा प्रशासन
जलालाबाद। मुख्यमंत्री के आगमन की तिथि नजदीक आते ही तैयारियों की गति तेज हो गई है। शनिवार को पीडब्लूडी के अधिकारी व पालिका कर्मचारी सभा व मंच के अलावा पंडाल तैयार करवाने की व्यवस्था में जुटे रहे। एसडीएम व सीओ ने भी कई बार कार्यक्रम स्थल जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने मैदान के सामने पीडब्लूडी की जमीन पर खोखा व अस्थाई रूप से दुकान रखे लोगों को जमीन को तुरंत खाली करने के आदेश दिए हैं। देर शाम ईओ की अगुआई में पालिकाकर्मियो ने उस अस्थाई अतिक्रमण को हटवाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी। शुक्रवार को यहां पहुंचे वित्त एवं चिकित्सा मंत्री सुरेश खन्ना व अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम स्थल के लिए नगर के फर्रुखाबाद हाइवे किनारे स्थित काकोरी शहीद इंटर कालेज के मैदान को हरी झंडी दिए जाने के बाद तैयारियों में तेजी आ गई है। सभा के लिए मंच व दर्शकों के बैठने के लिए जर्मन तकनीक की फाइबर की छत वाली जगह के निर्माण का कार्य तेजी से चलता रहा। हेलीपैड के निर्माण का कार्य पीडब्लूडी की देखरेख में चल रहा है।