मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेस वे का शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के प्रगति के नए द्वार खोलेगा। शाहजहांपुर के रोजा स्थित रेलवे ग्राउंड में शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले ऐसी बड़ी परियोजनाएं कागजों में बनाई जाती थीं, जिससे लोग अपनी तिजोरी भर सकें। अब आपका पैसा आपकी जेब में जा रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ लोग आतंक के आकाओं के खिलाफ सेना की कार्रवाई पर सवाल करते हैं तो वहीं देश को कोरोना की अपनी वैक्सीन देने वाले वैज्ञानिकों को कटघरे में खड़ा करते हैं।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल ऐसे हैं, जिन्हें देश के विरासत और विकास से भी दिक्कत है। विरासत से उनकी दिक्कत यह है कि उन्हें अपने वोटबैंक की चिंता है। यही वे लोग हैं, जिन्हें बाबा विश्वनाथ के भव्य धाम के पुनर्निमाण और अयोध्या के राममंदिर के निर्माण से भी दिक्कत है। इतना ही नहीं ये लोग गंगा के सफाई अभियान पर भी सवाल उठा रहे हैं।
अपने चिरपरिचित अंदाज में प्रधानमंत्री ने स्थानीय भाषा में अपने भाषण की शुरुआत की। बाबा विश्वनाथ और भगवान परशुराम को प्रणाम किया। काकोरी कांड के नायक रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह की शहादत को याद करते हुए उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे के फायदे गिनाए। कहा कि इससे उद्योग धंधे आएंगे, रोजगार के अवसर विकसित होंगे।
प्रधानमंत्री ने अपने उद्बोधन में डबल इंजन यानी मोदी-योगी की सरकार पर बार-बार जोर दिया। कहा कि तेजी से विकास के लिए दमखम की जरूरत होती है, जिसे डबल इंजन की सरकार ही करा सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले कुछ इलाकों को छोड़ दें तो दूसरे जिलों में बिजली ढूंढे नहीं मिलती थी। अब सभी जिलों में बिजली आपूर्ति कई गुना बढ़ा दी गई है। 80 लाख बिजली कनेक्शन हमारी सरकार ने दिए हैं।
बिना नाम लिए प्रधानमंत्री ने पूर्व की सपा सरकार पर माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया। कहा कि सीएम योगी से पहले के पश्चिमी यूपी से सब परिचित हैं। पहले दिया जलते ही लोग घरों से निकलने में डरते थे। सूरज डूबता तो कट्टा लहराने वाले सड़कों पर आ धमकते थे। बेटियां हों या व्यापारी, कोई सुरक्षित नहीं था। घर और जमीन पर कब्जे होने के साथ ही आगजनी और दंगे होते थे। गांव से लोग पलायन को मजबूर थे। अब ऐसा नहीं है। अब, जब गैर कानूनी इमारतों पर बुलडोजर चलता है तो उनके आकाओं को संरक्षण देने वालों को दिक्कत होती है।
पीएम ने दिया नारा - यूपी प्लस योगी, बहुत है उपयोगी
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। उन्हें एक सामर्थ्यवान मुख्यमंत्री बताया। प्रदेश में माफिया के लिए खिलाफ की गई कार्रवाई और कानून व्यवस्था में सुधार के लिए उन्हें सराहा। उन्होंने नारा दिया - यूपी प्लस योगी, बहुत है उपयोगी। उन्होंने यूपी और योगी के अंग्रेजी शब्दों को जोड़कर उपयोगी शब्द का उच्चारण किया। उन्होंने कई बार कहा कि प्रदेश में अब दमदार योगी की सरकार है।
जनता के सामने रखा एक्सप्रेस वे का विजन
प्रधानमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को ही नहीं जोड़ेगा, बल्कि दिल्ली और बिहार को भी जोड़ेगा। यह अनंत संभावनाओं का एक्सप्रेस वे है। 594 किलोमीटर लंबे देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे को बनाने में लगभग 36 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा लगेंगे। यह मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ तक होते हुए प्रयागराज के दांदूपुर जूड़ा तक जाएगा। यह एक्सप्रेसवे नए उद्योग और हजारों नौजवानों के लिए नए अवसर लाएगा। 21 सदी के विकास में गति का बहुत महत्व है। यह एक्सप्रेस वे उसी सपने को साकार करेगा। इससे फ्रूड प्रोसेसिंग, गैस पाइप लाइन, कॉरगो कॉटेज जैसी तमाम सुविधाओं को ध्यान में रखकर एक्सप्रेस का जाल बिछाया जा रहा है।
पहले जो घोषणाएं होती थीं वे चुनाव तक सीमित रहती थीं : योगी
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस देश में 2014 के पहले जो घोषणाएं होती थीं, वह चुनाव तक सीमित होकर जाती थीं, लेकिन 2014 के बाद इस देश में तोड़ने की राजनीति खत्म हुई और जोड़ने की राजनीति शुरू हुई। इसका ही प्रतिफल है कि देश के अंदर उन सभी मुद्दों को छुआ गया, जिनकी आजादी के बाद से उपेक्षा हो रही थी। योगी ने कहा- देश के गांवों, किसानों, नौजवानों और मातृशक्ति के साथ अगर देश की आस्था को सम्मान देने का काम किसी ने किया है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही किया है।