खुटार के हर्रायपुर में किसानों को जागरूक करते लेखपाल
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पुवायां। जिलाधिकारी की सख्ती के बाद एसडीएम ने नोटिस जारी किए तो लेखपालों ने रविवार को गांवों में पहुंचकर किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक किया। साथ ही तीन किसानों पर 18500 रुपये जुर्माना भी वसूला गया। गौरतलब है कि पुवायां तहसील क्षेत्र में पराली जलाने की 42 घटनाएं सामने आने के बाद डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम से स्पष्टीकरण मांगा था।
इसके बाद एसडीएम सतीश चंद्रा ने दस लेखपालों को नोटिस जारी किए थे। पुवायां, खुटार, बंडा और सिंधौली के थाना प्रभारियों को भी पत्र जारी कर पराली जलने पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों को पत्र भेजे जाने की चेतावनी दी गई थी। पराली जलाने वाले कई किसानों के शस्त्र लाइसेंस निलंबन की संस्तुति के लिए भी थाना प्रभारियों को पत्र भेजा गया था।
प्रशासन के सख्त रुख को देखते हुए रविवार को तमाम लेखपाल अपने क्षेत्रों में पहुंचे और गांवों में किसानों के साथ बैठक कर पराली न जलाने के लिए जागरूक किया। लेखपालों ने कहा कि पराली जलाने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। कोई भी किसान पराली न जलाए। किसानों ने लेखपालों को समस्याएं बताईं। कहा कि पराली के कारण खेत की ठीक से जुताई नहीं हो पाती है। प्रशासन को खेतों से पराली उठवाकर गोशालाओं में भिजवानी चाहिए, जिससे किसानों को सुविधा होगी और गायों के लिए भी चारे की व्यवस्था हो जाएगी।
पराली जलाने वाले 43 किसानों पर किया गया 1.67 लाख का जुर्माना
पुवायां। प्रशासन ने पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। पराली जलाने वाले 43 किसानों से 1.67 लाख का जुर्माना लगाया गया है। इसमें से 54 हजार रुपये जुर्माना राशि वसूली भी जा चुकी है। एसडीएम सतीश चंद्रा ने बताया कि पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है, जो किसान पराली जलाएंगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
पराली जलाने पर रोक के आदेश का पालन कराने के लिए लगा गए कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरतने पर उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में पुवायां तहसील क्षेत्र में अब तक पराली जलाने वाले 43 किसानों पर 1.67 लाख का जुर्माना भी लगाया जा चुका है। इसमें से 17 किसानों से 54 हजार रुपये जुर्माना वसूला भी जा चुका है। संवाद