शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मशीन में रखने के लिए रुपये की मांग गई। रुपये न देने पर बच्ची को स्वस्थ होने से पहले से निकाल दिया गया। नवजात की मौत होने पर परिजनों ने हंगामा करने के बाद सीएमओ को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला गदियाना चुंगी निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने अपनी गर्भवती पत्नी मीना को 28 अक्तूबर को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। मीना ने एक बच्ची को जन्म दिया। नवजात शिशु की तबीयत ठीक न होने पर उसको मशीन में रखा गया। आरोप है कि वहां के स्टाफकर्मियों ने नवजात को मशीन में रखने के बदले रुपये मांगे।
रुपये न देने पर समय से पहले नवजात को मशीन से निकालकर परिजनों को देकर स्टाफकर्मियों ने कहा कि बच्ची कुछ देर में मर जाएगी। इसको यहां से लेकर जाओ। उसके बाद परिजन नवजात को घर लेकर चले गए। 29 अक्तूबर को बच्ची की दोबारा तबीयत खराब होने पर उसको राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। बच्चे की रविवार सुबह करीब छह बजे मौत हो गई। पीड़ित ने सीएमओ डॉ. एसपी गौतम को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि चार दिनों से खून उपलब्ध कराने के नाम पर रुपये के नाम पर कर्मचारियों द्वारा मानसिक और आर्थिक शोषण किया गया। अन्य लोगों के साथ ऐसा न हो इसलिए आरोपी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
सीएमओ डॉ. एसपी गौतम ने बताया कि प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। आरोपों की जांच कराकर उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। प्रार्थना पत्र मिलेगा तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।