शाहजहांपुर में शुक्रवार को नागपंचमी पर श्रीबाबा विश्वनाथ मंदिर के बाहर नाग के दर्शन करते श्रद्ध
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शाहजहांपुर। सावन मास की शुक्ल पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। शुक्रवार को घर-घर नाग पंचमी मनाई गई। घरों और मंदिरों में भगवान भोलेनाथ और उनके प्रिय सर्प नाग देवता की पूजा की गई। शिव मंदिरों में भक्त पहुंचे, जहां नाग देवता के दर्शन किए और दूध पिलाकर मनौती मांगी।
नाग पंचमी पर कोई बांबियों में दूध डालकर सांपों का पूजन कर रहा था तो कोई मंदिरों में जाकर नाग देवता से मनौती मां रहा था। सपेरे भी नागों का दर्शन कराने के लिए गली-गली घूम रहे थे। घर-घर में नाग देवता का पूजन किया। महिलाओं और पुरुषों तथा बच्चों ने सांपों को श्रद्धाभाव से दूध पिलाकर परिवार की मंगल कामना की।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्राचीन मान्यता के अनुसार घर-घर में दीवार पर नाग देव बनाए गए। महिलाओं ने विधि-विधान से उनकी पूजा अर्चना की। सर्पों के न मिलने पर दीवारों पर बनाए सांपों को ही प्रतीकात्मक रूप से दूध पिलाकर मंगल कामना की। ऐसी मान्यता है कि नागपंचमी के दिन सांपों को दूध पिलाने से कालसर्प योग से मुक्ति मिल जाती है।