पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव कई बार शाहजहांपुर आए थे। शहर की कई राजनीतिक हस्तियों से उनके गहरे ताल्लुकात रहे। 1991 में सत्यपाल सिंह यादव लोकसभा और विधानसभा का चुनाव जीत गए थे। उन्होंने तिलहर विधानसभा से इस्तीफा दे दिया।
मुलायम सिंह यादव का शाहजहांपुर से गहरा नाता रहा। 1992 में वह जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में तिलहर विधानसभा सीट से उपचुनाव जीते थे। बाद में उन्होंने यहां से इस्तीफा दे दिया था।
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव कई बार शाहजहांपुर आए थे। शहर की कई राजनीतिक हस्तियों से उनके गहरे ताल्लुकात रहे। 1991 में सत्यपाल सिंह यादव लोकसभा और विधानसभा का चुनाव जीत गए थे। उन्होंने तिलहर विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। रिक्त हुई सीट पर हुए उपचुनाव में मुलायम सिंह यादव ने जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। मुलायम सिंह 34, 855 वोट पाकर जीते थे।
कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र पाल सिंह मुन्ना को 24,533 वोट मिले थे। मुलायम सिंह जसवंतनगर सीट से भी जीते थे। बाद में उन्होंने तिलहर सीट से इस्तीफा दे दिया था। बाद में वीरेंद्र पाल सिंह मुन्ना ने तिलहर सीट जीत ली थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह यादव के परिवार से उनके निकट संबंध रहे।
विज्ञापन
सत्यपाल सिंह के निधन पर वह अंत्येष्टि में शामिल होने शाहजहांपुर आए थे। सत्यपाल सिंह के बेटे राजेश यादव को उन्होंने टिकट दिया। वह सपा से दो बार विधायक रहे। वहीं छोटे बेटे अमित यादव रिंकू बाद में एमएलसी बने। इसके अलावा जिले के कई अन्य लोगों से मुलायम सिंह यादव के सीधे संबंध रहे।