शाहजहांपुर के पीछब्ल्यूडी में भारतीय किसान मजदूर यूनियन राष्ट्रवादी की बैठक को संबोधित करते यू?
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शाहजहांपुर। भारतीय किसान मजदूर यूनियन (राष्ट्रीयतावादी) के पदाधिकारियों ने मंगलवार को बैठक कर किसानों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। तिलहर में 29 सितंबर को प्रस्तावित संयुक्त किसान मोर्चा की पंचायत की रणनीति और उसमें उठाए जाने वाले प्रमुख बिंदु तय किए।
भाकिमयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पराज सिंह यादव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए तीनों कृषि कानून किसान विरोधी हैं और उनकी आड़ में देश के पूंजीपति किसानों की जमीनों के खुद मालिक बनकर उन्हें कंगाल कर देंगे। इसीलिए कृषि कानूनों का देश के सभी राज्यों के किसान कड़ा विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार के अड़ियल रवैये के कारण किसान संगठनों को दिल्ली की सीमाओं पर कई माह से आंदोलन करना पड़ रहा है।
उन्होंने पदाधिकारियों से प्राप्त सुझावों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर की महापंचायत की तरह तिलहर में होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा की पंचायत मेें भी तीनों कृषि कानून तत्काल वापस लिए जाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए गारंटी देने वाला कानून बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने कृषि लागत में हुई वृद्धि को देखते सरकार गन्ना का समर्थन मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करे।
महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष क्रांति सिंह ने केंद्र और प्रदेश सरकार को किसान और महिला विरोधी बताते हुए अपने अधिकार पाने के लिए महिलाओं से आगे आने का आह्वान किया। प्रयाग दत्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में यूनियन के जिला प्रभारी शिशुपाल सिंह, प्रमोद वर्मा, अजीत मिश्रा, नेहा सिंह, अजय कुमार सिंह, प्रयाग दत्त, विश्वनाथ सिंह, अनिल सिंह, अवधेश कुमार आदि मौजूद रहे।