एफआईआर में नर सिंह ने लिखाया था कि पुरानी रंजिश में 24 फरवरी की शाम करीब चार बजे गांव के रहने वाले चंद्रपाल, परशुराम, साधु, सुखराम, रघुवीर, जसवीर, श्रीराम, बसंत, एक नाबालिग आरोपी, पुत्तू, मुकेश, रामनाथ, रामलाल, इरमान, कृष्णपाल, सिपट्टर, बरेली के फरीदपुर के गांव मनपुरा के रहने वाले सोनेपाल, ओमेंद्र और छह-सात अन्य लोग असलहे लेकर आ गए।
घर के बाहर फायरिंग करने से नर सिंह के चाचा कल्पू की मौके पर ही मौत हो गई। गांव के नौरंग और मुन्नालाल फायरिंग और मारपीट में घायल हो गए। पुलिस की जांच में बादाम, राजवीर और सत्यपाल के नाम सामने आए। पुलिस ने 21 लोगों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में भेजी। मुकदमे के दौरान परशुराम, सुखराम, श्रीराम, बसंत, पुत्तू, मुकेश, रामलाल, रामनाथ, इरमान, कृष्णपाल की मौत हो गई। सरकारी वकील श्रीपाल वर्मा के तर्कों से सहमत होकर और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चंद्रपाल, साधु, रघुवीर, जसवीर, सिपट्टर, सोनेपाल, ओमेंद्र, बादाम, राजवीर और सत्यपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।