सपा नेता और परी ब्रांड के नमकीन निर्माता विनय अग्रवाल के अटसलिया स्थित कारखाना और सीतापुर मार्ग स्थित बरतारा स्थित फैक्टरी के गोदाम पर बरेली और लखनऊ से आए आयकर विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार सुबह एक साथ छापा मारा। दोपहर बाद तक विभागीय टीमें कारखाना परिसर में तमाम अभिलेख खंगालती रहीं।
इस दौरान अधिकारियों ने सपा नेता के प्रताप एंक्लेव स्थित आवास पर भी धावा बोला और वहां से कई दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। माना जा रहा है कि आयकर चोरी की शिकायत पर अधिकारियों ने छापा मारा था। विधानसभा चुनाव का अंतिम चरण का मतदान पूरा होते ही आयकर विभाग की टीमें फिर से सक्रिय हो गई हैं।
खास यह है कि गत वर्ष मार्च में भी वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने सपा नेता विनय अग्रवाल की अटसलिया स्थित नमकीन कारखाने पर छापा मारकर वहां लाखों की कर चोरी पकड़ी थी। साथ ही अधिकारियों ने उनसे कर की देय धनराशि भी मौके पर जमा कराई थी। बाद में चुनाव का दौर शुरू होने पर विनय अग्रवाल ने शहर सीट से सपा टिकट के लिए दावेदारी की। इस दौरान सपा मुखिया अखिलेश यादव से उनकी नजदीकियां सियासी हलके में चर्चा का विषय बनीं थीं।
यह अलग बात है कि चुनाव में उन्हें सपा का टिकट नहीं मिल सका और उन्होंने खुद को चुनावी परिदृश्य से अलग कर लिया। अब अंतिम चरण का मतदान निपटने के तत्काल बाद उनकी फैक्टरी और आवास पर आयकर विभाग की छापे को राजनीतिक नजरिये से भी देखा जा रहा है। जो भी हो, मंगलवार सुबह जैसे ही आयकर विभाग के अधिकारी अपर आयकर आयुक्त सौरभ द्विवेदी और डीएस बघेल के नेतृत्व में अटसलिया स्थित नमकीन कारखाने पर पहुंचे, वहां कार्यरत मजदूरों में हड़कंप मच गया।
जिस वक्त अधिकारी नमकीन फैक्टरी पहुंचे, रात की ड्यूटी करने वाले श्रमिक सुबह आठ बजे वहां से निकलने वाले थे। अधिकारियों ने अंदर घुसते ही फैक्टरी का मेन गेट बंद करा दिया और किसी को भी बाहर जाने की इजाजत नहीं दी। उधर, आठ बजे से ड्यूटी करने के लिए जो महिलाएं फैक्टरी के गेट पर पहुंचीं, उन्हें अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई।
इस बीच, कारखाना में मौजूद कई किशोर श्रमिक मुख्य द्वार बंद होने पर दीवार फांदकर भाग निकले। इस प्रयास में कई मजदूरों के चोट भी लग गई। आयकर अधिकारियों ने फैक्टरी और घर से सपा नेता समेत अन्य लोगों के मोबाइल और लैपटॉप अपने कब्जे में ले लिए। बता दें कि विनय अग्रवाल पहले पान मसाला उद्योग से जुड़े थे, लेकिन बाद में उन्होंने नमकीन फैक्टरी लगा ली। अधिकारियों के अनुसार देर रात तक जांच होने की संभावना है।
छापा कार्रवाई में शामिल अधिकारी बरेली और लखनऊ से आए हैं और उन्हीं के स्तर से हो रही कार्रवाई हो रही है। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। गोपनीयता बनाए रखने के लिए विभाग के स्थानीय अधिकारियों को इस कार्रवाई में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, अधिकारिक सूत्रों के अनुसार जांच में लाखों की कर चोरी का खुलासा हो सकता है। - वीरेंद्र सिंह बिष्ट, आयकर अधिकारी