शाहजहांपुर। सरकार की ओर से हर महीने राशनकार्ड धारक गरीबों व असहायों को खाद्यान्न का वितरण किया जाता है। इसके बाद भी ऐसे हजारों लोग हैं, जो अपात्र होने के बावजूद गरीबों व असहायों के लिए आने वाले खाद्यान्न को हड़प कर रहे हैं। उन पर लगाम लगाने के लिए शासन ने राशनकार्ड के संबंध में नया आदेश जारी किया है। इसके तहत अब नया राशनकार्ड बनवाने के लिए परिवार के मुखिया को आय प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। प्रमाण पत्र राशनकार्ड बनवाने की तिथि से एक साल के भीतर का होना चाहिए।
जिले में कुल राशनकार्डो की संख्या 5.75 लाख हैं। इनमें अंत्योदय कार्डधारक 29619, मनरेगा जॉब कार्डधारक 93874, श्रम विभाग में निर्माण वर्कर 9821 और नगर निकाय में पंजीकृत कार्डधारक 7142 है। इनको हर महीने 10 से 11 हजार क्विंटल खाद्यान्न का वितरण किया जाता है। इनमें तमाम ऐसे भी राशनकार्ड धारक हैं, जो अपात्र होने के बावजूद गरीबों व असहायों के लिए आने वाले खाद्यान्न का लाभ ले रहे हैं। ऐसे कार्डधारकों की आपूर्ति विभाग में छंटनी शुरू हो गई है। इसके बाद नगर निगम क्षेत्र में ही 859 लोगों को चिह्नित किया गया, जो गरीबों का राशन हड़प रहे थे। उनसे रिकवरी करने के आदेश हो गए। जितना अनाज उन्होंने अब तक लिया है, उसके बराबर की धनराशि उनसे वसूल की जाएगी। साथ ही अब ऐसे अपात्रों को लाभ न मिले, इसके लिए नए राशन कार्ड बनवाने के लिए आय प्रमाण पत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है। आपूर्ति विभाग ने शहरी क्षेत्र में आय की सीमा तीन लाख रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में आय सीमा दो लाख रुपये निर्धारित की है। इतनी ही आय वालों के पात्र गृहस्थी के नए राशन कार्ड जारी किए जाएंगे। इससे अधिक आय का प्रमाण पत्र लगाने पर आवेदन खुद-ब-खुद निरस्त हो जाएगा। राशन कार्ड जारी करने के पहले उनसे प्रशासन से प्रदत्त आय प्रमाण भी लिए जाएंगे।
जनसेवा संचालकों की मिलीभगत से होता था खेल
अपात्रों के राशनकार्ड बनने में जनसेवा संचालकों की भूमिका सामने आई है। अभी तक कोई व्यक्ति राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन करने जनसेवा केंद्रों पर जाता तो उससे एक प्रोफार्मा पर पूरा विवरण भरवा लिया जाता था। इस प्रोफार्मा को भरकर आवेदक संबंधित कागजात लगा देता था और आय प्रमाण पत्र की अनिवार्यता न होने से संचालक अपनी मर्जी से उसमें आय भरकर फार्म को ऑनलाइन फीड कर देते थे। हालांकि इसके बाद आवेदन सत्यापन के लिए संबंधित अधिकारी के पोर्टल पर जाता है, जिनके सत्यापित करने के बाद ही राशनकार्ड जारी होता था। अब जनसेवा संचालकों को बिना आय प्रमाण नया राशनकार्ड फीड न करने के आदेश दिए गए हैं। अगर ऐसा होते पाया जाता है, तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
राशनकार्ड बनवाने की प्रक्रिया
अब तक राशनकार्ड बनवाने के लिए संबंधित व्यक्ति को विभाग की वेबसाइट पर बैंक पासबुक, आधार कार्ड, गैस कनेक्शन पासबुक, फोटो अपलोड करना पड़ता था। लेकिन अब आय प्रमाण पत्र को भी अपलोड करना होगा। इसके बाद में आवेदन पूर्ति निरीक्षक के पास पहुंचेगा। अगर शहरी क्षेत्र है तो पालिका, पंचायत के कर्मचारी इसकी जांच करेंगे और ग्रामीण क्षेत्र में राजस्व विभाग के माध्यम से इसकी जांच की जाएगी। वहां से ओके की रिपोर्ट मिलने पर पूर्ति निरीक्षक द्वारा उसे जिला पूर्ति अधिकारी को भेज दिया जाएगा। वह पात्र की पुष्टि करने के बाद राशनकार्ड जारी करने के आदेश करेंगे।
नए राशन कार्ड बनवाने के लिए अब आय प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। राशन कार्ड बनवाने वाले आवेदक को अपने आवेदन के साथ आय प्रमाण पत्र लगाना होगा। - पूरन सिंह चौहान, जिला पूर्ति अधिकारी, शाहजहांपुर।