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मैं चीखता रहा और वो अम्मी के सिर पर चाकू मारता रहा

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हत्यारोपी दाऊद के घर की जांच पड़ताल करते एएसपी सिटी । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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मयंक वर्मा,
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भावलखेड़ा। अम्मी नमाज पढ़ रहीं थी और दीदी कमरे में थी। मैं खेल रहा था। तभी वो (दाउद) हाथ में चाकू-डंडा लेकर घर में घुस आया। उसने पहले अम्मी के दुपट्टे से फंदा लगाकर गिरा लिया और चाकू से सिर पर मारने लगा। मैं चीखता रहा। मैं चीखते हुए बाहर भागा तो उसने मेरा पीछा करने का प्रयास किया। अगर नहीं भागता तो मुझे भी मार देता। इतना कहकर आठ साल का बेटा फफक पड़ा।
आरसी मिशन क्षेत्र में रहने वाल व्यक्ति के परिवार में बीवी, तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी ने इंटरमीडियट की परीक्षा दी थी, जबकि दो बेटे पढ़ रहे हैं। सबसे छोटे बेटे ने बताया कि शुक्रवार को करीब तीन बजे का वक्त रहा होगा। उसकी अम्मी कमरे में नमाज पढ़ रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाला दाऊद घर में घुस आया। उसने सबसे पहले अम्मी के गले को उनके दुपट्टे से फंदा लगाकर गिरा लिया। इसके बाद चाकू सिर पर मारता चला गया। जब वह लहूलुहान होकर गिर पड़ीं तो पड़ोस के कमरे में लेटी दीदी के पास गया और उसकी गर्दन को दबाकर सिर पर लोहे की रॉड से कई बार किए। बेटे ने बताया कि वह चीख-चीख कर उससे मां और बहन को छोड़ने के लिए कह रहा था, लेकिन उसकी आंखों में खून उतरा हुआ था। जब दीदी खून से लथपथ होकर गिर पड़ी तो वह अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागा। दाऊद ने उसका पीछा भी किया लेकिन तब तक वह घर के बाहर आ चुका था। लोगों के आने की आशंका में आरोपी दाउद वहां से भाग गया। संवाद
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तीन दिन पहले घर में घुसकर खोल दिया था सिलिंडर
शाहजहांपुर। पढ़ने में होनहार बेटी को परिजन दुनियावी के साथ दीनी तालीम भी दिलाना चाहते थे। उसे कुरआन पढ़ाने के लिए पांच साल से मोहल्ले में कुछ घर छोड़कर रहने वाला दाऊद आता था। हाफिज-ए-कुरआन होने के कारण उसके घर पर आना-जाने में कोई पाबंदी नहीं थी, लेकिन दो वर्ष पहले पढ़ाने के दौरान दाऊद ने कुछ गलत हरकत कर दी। बेटी ने परिजन को बताया तो तुरंत ही दाऊद पर घर में आने पर पाबंदी लगा दी। इस बात से दाऊद रंजिश मानने लगा था। वह लगातार पीड़ित परिवार को डराने-धमकाने की फिराक में रहता था। मृतका के बड़े बेेटे ने बताया कि उसके घर की दीवारें छोटी हैं। तीन दिन पहले दाऊद ने घर में घुसकर रसोईघर में जाकर किचन में रखे सिलिंडर का बॉल्व खोल दिया था। वह पूरे परिवार को जान से मारना चाहता था। गैस की दुर्गंध आने पर किसी ने माचिस नहीं जलाई और बॉल्व बंद कर दिया। एसपी सिटी संजय कुमार बताते हैं कि यदि तीन दिन पहले ही परिजन पुलिस में शिकायत दर्ज करा देते तो यह घटना नहीं होती।
सिरफिरा दाऊद कर रहा था घर की रेकी
दाऊद की गलत हरकत को देखकर जब से घर में आने पर रोक लगाई गई, तब से वह बौखला गया था। वह सुबह और शाम में पीड़ित परिवार के घर की रेकी कर रहा था। मृतका के बड़े बेटे के मुताबिक, उसका साथ मोहल्ले का एक और व्यक्ति भी दे रहा था।
रात में घुसकर निकाल दिए थे बल्ब, फाड़ दिए थे पर्दे
तीन दिन से दाऊद की हरकतें काफी ज्यादा बढ़ गई थी। बृहस्पतिवार रात को दाऊद ने घर में घुसकर सभी बल्ब निकाल कर अंधेरा कर दिया। उसके बाद छत पर जाकर पर्दे फाड़ डाले थे। दहशत के चलते परिजन कमरे में छिप गए थे।
परिवार की बदनामी के चलते बंद रखा मुंह
पीड़ित परिवार की मोहल्ले में काफी इज्जत है। उनके पिता आरा मशीन का संचालन करते थे। वह भी उनका हाथ बंटाते थे। कुछ दिन पहले उन्होंने कबाड़ का काम शुरू कर दिया था। मृतका के शौहर भी दाउद की हरकतों से परेशान थे, लेकिन परिवार की बदनामी के कारण पुलिस में जाने से घबराते थे।
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सिपाहियों को अनुशासन का पाठ पढ़ा गए एसपी
पुलिस अधीक्षक एस. आनंद घटनास्थल का निरीक्षण करने आए थे। वहां मौजूद थाने में तैनात सिपाही दीपांशु वहां मौजूद लोगों से अभद्रता करने लगा। तब एसपी ने वही सिपाही की जमकर फटकार लगाई। साफ तौर पर कहा कि जनता से प्रेमपूर्वक बातचीत की जाए। जनता के बीच मित्रवत व्यवहार रखा जाए। उन्होंने दोबारा ऐसी गलती न दोहराने की नसीहत भी दी।
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