पुवायां। दो दिन से हो रही बारिश और ओलावृष्टि से आलू, सरसों और तिल्ली की फसल को भारी नुकसान हुआ है। पकी हुई सरसों की फली जमीन पर गिर गई हैं तो आलू के खेत में पानी भर जाने से आलू सड़ने की आशंका पैदा हो गई है। इससे आलू की खोदाई रुक गई है।
सरसों और तिल्ली की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। मटर और टमाटर की फसल के भी खराब होने की आशंका है। गेहूं की फसल में नुकसान नहीं हुआ है और बारिश से सिंचाई की पैसा बच गया है।
खरबूजे की फसल बोनी पड़ सकती है दोबारा
पुवायां गुटैया क्षेत्र में खरबूजे की फसल भी बोई जा चुकी थी। बारिश से पानी भर जाने से खरबूजे की फसल भी नष्ट होने की आशंका है और किसानों को फिर से खरबूजा बोना पड़ सकता है। जो खरबूजा जम चुका था, उसकी बेल पर ओले गिरने से पौध नष्ट होने की आशंका है।
जेसीबी से बनाए जा रहे सोख्ते
आलू की फसल में भरा पानी निकालने के लिए किसानों ने खेत में जेसीबी से गहरे गड्ढे बनवाने शुरू कर दिए हैं। इससे पानी जमीन के अंदर चला जाएगा और आलू में कम नुकसान होगा। किसान मौसम साफ होने की दुआ कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौसम नहीं खुला तो आलू में भारी नुकसान होगा।
आलू गड़ाई के बाद बारिश होने से भारी नुकसान पहले ही हो चुका है। किसानों ने फिर से आलू लगाया। अब तैयार होने को है, लेकिन फिर से बेमौसम बारिश से आलू के खेत में पानी भर गया है। खेत में पानी भरने से आलू की फसल में 15 से 20 प्रतिशत नुकसान हो सकता है। - परमजीत सिंह, निवासी गुटैया, पुवायां
इस समय आलू कच्चा था और पकने में अभी 20 दिन लग जाते, लेकिन बारिश से आलू सड़ने लगेगा और किसानों को नुकसान होगा। इसके अलावा ओलावृष्टि से सरसों की फसल में भी बहुत नुकसान हुआ है। खरबूजे की फसल की बुबाई हो गई थी वह भी बारिश होने से चली गई। - राजा बरौना फार्मर, पुवायां